अगर आप शासकीय कर्मचारी हैं और आपकी ड्यूटी चुनाव में लगाई गई है, लेकिन आप बीमारी का बहाना बनाकर इससे बचने का प्रयास कर रहे हैं तो सतर्क हो जाइये, क्योंकि चुनाव आयोग ऐसे अधिकारी, कर्मचारी की बीमारी की जांच डॉक्टर से करवाएगा। रिपोर्ट सही पाए जाने पर ही बीमार कर्मचारी अधिकारी को चुनाव में ड्यूटी करने से मुक्ति मिलेगी।
दरअसल, मध्य प्रदेश में इन दिनों विधानसभा चुनाव का मौसम है। ऐसे में प्रदेश के अलग अलग विभाग के कर्मचारी अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी में तैनात किया जा रहा है। अब ड्यूटी कैंसिल करवाने के लिए सैकड़ों आवेदन जिला निर्वाचन ऑफिस में पहुंच रहे हैं।
डॉक्टर करेंगे समीक्षा
चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए कई अधिकारी कर्मचारी नए नए कारण बताते हैं। इनमें से एक आम कारण है बीमारी। आमतौर पर आयोग इसे स्वीकार कर ड्यूटी निरस्त भी कर देता है, लेकिन इस बार आयोग ने इस पर सख्ती दिखाई है। आयोग बीमारी का कारण बताकर ड्यूटी से नाम कटवाने वाले अधिकारी कर्मचारियों की जांच रिपोर्ट की किसी डॉक्टर से समीक्षा करवाने के मूड में है। ताकि हकीकत का पता लगाया जा सके। इसके बाद डॉक्टर की रिपोर्ट पर ही छुट्टी दी जाएगी।
200 से अधिक आवेदन
चुनावी ड्यूटी निरस्त करवाने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय भोपाल में ही अब तक 200 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इनमें से अधिकांश आवेदन में बीमारी का कारण बताते हुए ड्यूटी रद्द करने की गुहार लगाई गई है। ऐसे ही और भी अनेक आवेदन हैं।
दे रहे ऐसे कारण
एक कर्मचारी ने हृदय रोग बता कर ड्यूटी निरस्त किए जाने की गुहार लगाई। उसका कहना है कि उसे सीने में दर्द बना रहता है। वहीं, एक अधिकारी ने ये कहते हुए चुनाव ड्यूटी करने में असमर्थता जताई कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर है। उन्हें चलने फिरने में दिक्कत है। कभी भी रक्तचाप बढ़ जाता है। ऐसे में चुनाव के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ सकती है।