बालाघाट में डाक मत पत्रों की समय से पहले शॉर्टिंग से उठे बवाल पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन की सफाई आई है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजी गई है। फिलहाल इस मामले में नोडल अधिकारी को निलंबित किया गया है। प्रकियात्मक त्रुटि सामने आई है। राजन ने कहा कि मतपत्र की किसी तरह की गिनती नहीं हुई है। केवल डाक पत्र की विधानसभावार शॉर्टिंग की जा रही थी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजदूगी में मतपत्र की शॉर्टिंग की गई थी।
3 बजे के निर्धारित समय से शॉर्टिंग होनी थी, लेकिन नोडल अधिकारी ने 1:30 बजे से शॉर्टिंग शुरू कर दी। इसके साथ ही उसने शॉर्टिंग की सूचना भी ठीक तरह से नहीं दी। ऐसे में इस प्रकियात्मक त्रुटि के कारण नोडल अधिकारी को हटाया गया है। चुनाव आयोग को मामले की विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है।
खंडवा के वोट अमान्य
इधर, खंडवा में पुलिस कर्मियों के 123 पोस्टल बैलेट अमान्य कर दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि खंडवा में 20 नवंबर को डाक मतपत्र से जो मतदान हुआ था, उसे रिजेक्ट कर दिया गया है। इस पूरे मामले की रिपोर्ट भी आयोग को भेजी गई है। इसके साथ आयोग के निर्देश अनुसार मामले में मतदान कराने वाले अधिकारी पर कार्रवाई होगी। बता दें, यहां खंडवा में चुनाव में ड्यूटी के चलते मतदान से वंचित पुलिसकर्मियों के वोट एसपी ने 20 नवंबर को डलवा दिए थे।
बढ़ाई जा सकती हैं टेबल
साथ ही अनुपम राजन ने बताया कि भोपाल मतगणना समय पर हो सके और परिणाम जल्द आ सके इसके लिए टेबल बढ़ाए जाने का भी प्रस्ताव है। जहां मतदान केंद्र ज्यादा थे, वहां पर काउंटिंग टेबल बढ़ाई जा सकती है। इस विषय में अभी चर्चा चल रही जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।