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MP Election 2023: कांग्रेस की पहली सूची पर BJP ने कहा- खूब चला परिवारवाद और दिग्गीवाद

Sun, 15 Oct 2023 01:40 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP Election 2023: मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने रविवार को अपने 144 प्रत्याशियों का नाम घोषित किया है। इस पर बीजेपी ने चुटकी लेते हुए इस सूची को कांग्रेस में धारा-144 लगना बताया है। कांग्रेस की यह सूची जारी होते ही इस पर बीजेपी मीडिया प्रभारी और कई प्रवक्ताओं के ट्वीट सामने आए हैं।
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कांग्रेस की पहली सूची पर BJP का बयान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से जारी की गई पहली सूची पर भारतीय जनता पार्टी ने जमकर निशान साधा है। पार्टी की ओर से मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने जहां कांग्रेस में दिग्गिवाद हावी रहने और कमलनाथ के रबर स्टैंप प्रदेश अध्यक्ष साबित होने की बात कही है। वहीं, प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि सूची देखकर लगता है कांग्रेस के बड़े नेता मैदान छोड़ गए हैं।

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भाजपा मीडिया प्रभारी ने कहा कि मध्यप्रदेश कांग्रेस के 144 उम्मीदवारों की सूची के बाद भोपाल सहित प्रदेश के सभी कांग्रेस कार्यालयों पर 'धारा-144' लागू हो गई है। कांग्रेसियों की गुटबाजी, नारेबाजी, जूतमपैजार, अंतर्कलह, सिर फुटव्वल का भारी डर है। कांग्रेस की सूची में परिवारवाद साफ दिखाई दे रहा है। दिग्विजयवाद हावी रहा है, जबकि कमलनाथ रबर स्टैंप प्रदेश अध्यक्ष साबित हुए हैं।

बड़े नेताओं ने छोड़ा मैदान
कांग्रेस की सूची पर प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि जहां एक तरफ दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह बैठक छोड़कर पलायन कर गए थे तो उसके बाद भी उन्हें मनाने की बजाय उनके पीछे से नाथ जी ने सूची ही घोषित करवा दी है। उनके साथ खेल करवा दिया है। उनके समर्थक नामों को पीछे से उड़ा दिया गया। सूची के बाद यह तय हो गया है कि कांग्रेस के सारे बड़े नेता चुनावी मैदान से पलायन कर चुके हैं। दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अरुण यादव और कांतिलाल भूरिया किसी का भी नाम इस सूची में नहीं है। छिंदवाड़ा से सिर्फ कमलनाथ का नाम सूची में है, बाकी नाम रोक दिए गए हैं। इसके साथ ही पचौरी समर्थक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति का टिकट नाथ जी ने उपचुनाव में हुए एक मामले के बाद से चल रहे झगड़े के चलते कटवाया है।
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परिवारवाद का आरोप
सलूजा ने कहा कि कांग्रेस की सूची में जमकर चला परिवारवाद है। जहां दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह का नाम उनके पुत्र जयवर्धन सिंह और परिवार के ही प्रियव्रत सिंह का नाम है। वहीं, अजय सिंह राहुल भैया का नाम और उनके मामा राजेंद्र सिंह का नाम भी है। कांतिलाल भूरिया के बदले उनके बेटे को टिकट दिया गया है। सांवेर से प्रेमचंद गुड्डू के बदले उनकी बेटी को टिकट दिया है। अरुण यादव के भाई सचिन यादव को टिकट दिया है। अश्लील वीडियो वाले डबरा विधायक और सवर्ण  समाज को गाली बकने वाले बरैया को टिकट दिया है।

इमरजेंसी लगी
प्रवक्ता नेहा बग्गा ने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस की पहली सूची ही 144 की है, इससे देखकर लगता है कांग्रेस पार्टी में इमरजेंसी के दौर की शुरुआत है। इसमें परिवारवाद, महिला अत्याचार और भ्रष्टाचार कांग्रेस का आधार है। दिग्विजय सिंह के अपने लोग, भाई, बेटे, भतीजे को टिकट दी गई है, उसमें कमलनाथ केवल अपने लिए अपने लिए एक ही सीट पाए हैं।

कांग्रेस में लगती है बोली
कांग्रेस की सूची पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस पूरी तरह से साफ होने वाली है। कांग्रेस में टिकटों का कोई भी क्राइटेरिया नहीं है, वहां सिर्फ बोली चलती है। जैसे नीलामी की बोली लगती है, वैसे ही कांग्रेस में टिकटों की बोली लगती है। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेसी जो सालों से मेहनत कर रहे हैं, उन्हें टिकट नहीं मिला।

इस बार छिंदवाड़ा से कमलनाथ का भी सफाया हो जाएगा। एक-एक सीट पर नेहरू परिवार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के दरबार में टिकटों की बोली लगी है, जिसने ज्यादा बोली लगाई उसे टिकट मिला है।

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