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एमपी कैबिनेट: RGPV तीन हिस्सों में बंटेगी; राजीव गांधी का नाम भी हटेगा, रिटायर्ड साई मनोहर सीएम सलाहकार होंगे

Tue, 01 Sep 2026 02:28 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय  को तीन हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव को मोहन यादव कैबिनेट ने मंजूरी दी है, अब यूनिवर्सिटी से राजीव गांधी का नाम हटाकर तीन क्षेत्रीय तकनीकी एवं कौशल विश्वविद्यालय बनाए जाएंगे। कैबिनेट ने ए. साई मनोहर को मुख्यमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली में सलाहकार नियुक्त करने के साथ करीब 41 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।
 
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण रोजगार से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने करीब 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें ग्रामीण रोजगार की नई योजना, तीन नए प्रौद्योगिकी एवं कौशल यूनिवर्सिटी शामिल हैं। वहीं, पश्चिम भोपाल बायपास पर 3,225 करोड़ रुपये की बढ़ी लागत को भी मंजूरी दी गई। 
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ग्रामीण रोजगार में 100 की जगह 125 दिन की गारंटी
कैबिनेट ने ‘विकसित भारत (ग्रामीण): वीबी जी राम जी विकसित भारत जी राम जी योजना’ को प्रदेश में लागू करने का समर्थन किया। यह योजना 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी गई है। इसके लिए 2026-27 में करीब 3,183 करोड़ रुपये और 2026-27 से 2030-31 तक कुल 26,436 करोड़ रुपये की जरूरत का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 60:40 रहेगी। राज्य सरकार का हिस्सा करीब 10,574 करोड़ रुपये होगा। नई व्यवस्था में ग्रामीण परिवारों के इच्छुक वयस्क सदस्यों को अब साल में 100 की जगह 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। ग्राम पंचायतें जीआईएस और पीएम गति शक्ति जैसी तकनीक की मदद से विकास की योजना तैयार करेंगी। योजना में बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल मस्टर रोल और हर छह महीने में सामाजिक अंकेक्षण अनिवार्य होगा। हर जिले में शिकायतों के निपटारे के लिए एक लोकपाल नियुक्त किया जाएगा।
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तीन तकनीकी विश्वविद्यालय बनाने का फैसला
कैबिनेट ने प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के लिए तीन अलग-अलग विश्वविद्यालय बनाने का फैसला किया है। भोपाल में मौजूदा आरजीपीवी को मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। उज्जैन के स्वशासी इंजीनियरिंग कॉलेज को मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय और जबलपुर के स्वशासी इंजीनियरिंग कॉलेज को महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। इन तीनों विश्वविद्यालयों के तहत संभागवार तकनीकी संस्थानों का बंटवारा होगा। भोपाल विश्वविद्यालय के अधीन भोपाल, नर्मदापुरम, चंबल और ग्वालियर संभाग होंगे। उज्जैन विश्वविद्यालय में उज्जैन और इंदौर संभाग तथा जबलपुर विश्वविद्यालय में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग शामिल होंगे। तीनों के लिए अलग-अलग कानून बनाए जाएंगे। वर्तमान में आरजीपीवी के अंतर्गत 13 पाठ्यक्रम, 585 संस्थाए और 3 लाख 83 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। 

ए. साई मनोहर दिल्ली सीएमओ में सलाहकार होंगे
सेवानिवृत्त हो रहे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ए. साई मनोहर को मुख्यमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली में सलाहकार के पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दी गई है। उनकी नियुक्ति 1 सितंबर 2026 या कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से एक वर्ष के लिए होगी।

डेयरी विकास पर 2,973 करोड़ खर्च होंगे
दुग्ध उत्पादकों और सांची ब्रांड को मजबूत करने के लिए 2,973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को मंजूरी दी गई है। अगले पांच साल में दुग्ध समितियों की संख्या 7,331 गांवों से बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक की जाएगी। दूध का रोजाना संग्रह 12 लाख से बढ़ाकर 52 लाख किलो और प्रसंस्करण क्षमता 17.8 लाख से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर की जाएगी। दूध पैकेट की बिक्री भी 7 लाख से बढ़ाकर 35 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है।

पश्चिम भोपाल बायपास पर 3,225 करोड़ खर्च होंगे
35.61 किलोमीटर लंबे पश्चिम भोपाल बायपास को चार लेन और पेव्ड शोल्डर के साथ बनाया जाएगा। इसके लिए 3,225.51 करोड़ रुपये की संशोधित मंजूरी दी गई है। इस सड़क के बनने से जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से इंदौर जाने वाले वाहनों को भोपाल शहर से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे करीब 21 किलोमीटर की दूरी कम होगी।

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बीना-मालथौन मार्ग भी बनेगा चार लेन
मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग को भी चार लेन बनाने की मंजूरी मिली है। 67.116 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर करीब 2,776.83 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह सड़क बीना के रिफाइनरी, थर्मल पावर प्लांट, रेलवे यार्ड और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण होगी।

स्वास्थ्य सेवाओं के रखरखाव के लिए 1,404 करोड़
सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में मशीनों और उपकरणों के रखरखाव के लिए 488.41 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं चिकित्सा संस्थानों की इमारतों, मॉड्यूलर किचन और ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाओं के रखरखाव के लिए 915.77 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में सामाजिक न्याय विभाग के जिला कार्यालयों के लिए 15 नियमित पद और छह आउटसोर्स पद मंजूर किए गए। निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला आयुष कार्यालयों के लिए भी 20 नए पद स्वीकृत किए गए।

ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी 25 से बढ़कर 60 प्रतिशत
किसानों के लिए भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी का लक्ष्य 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह खरीदी निर्धारित उपार्जन लक्ष्य के भीतर होगी, इसलिए किसानों को उपज बेचने में परेशानी नहीं होगी। 
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ईओडब्ल्यू में विधि सलाहकार की नियुक्ति
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में रिक्त विधि सलाहकार के पद पर सेवानिवृत्त अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देव नारायण शुक्ल के चयन को मंजूरी दी गई। यह पद एक मार्च से रिक्त था और इसके लिए विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया पूरी की गई।
 
भ्रष्टाचार के दोषी वनकर्मी की पूरी पेंशन रोकने का प्रस्ताव
वन विभाग में पदस्थ रहे उप वन क्षेत्रपाल अब्दुल तनवीर खान को रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले में न्यायालय ने चार साल के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। वे 2024 में निलंबन की स्थिति में सेवानिवृत्त हुए। कैबिनेट ने उनकी संपूर्ण पेंशन स्थायी रूप से रोकने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

इंदौर बाल गृह मामले में अधिकारी की पेंशन में कटौती
इंदौर के विशेष गृह बालक से बच्चों के पलायन के मामले में अधीक्षक राजीव जिवेदी को निलंबित किया गया था। विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए। कैबिनेट ने उनकी पेंशन में से एक वर्ष तक 5 प्रतिशत कटौती करने का निर्णय लिया। इस पर लोक सेवा आयोग की सहमति भी प्राप्त हो चुकी है।

 

 
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