मध्यप्रदेश में नशे के कारोबार पर अब सिर्फ तस्करों तक सीमित कार्रवाई के बजाय पूरे नेटवर्क को निशाना बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा की समीक्षा के दौरान कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आह्वान के मुताबिक सरकार ने वर्ष 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में ड्रग्स बनाने वाली 17 गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया जा चुका है। आदतन ड्रग अपराधियों के खिलाफ पीआईटीएनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई तेज की गई है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ से लगी मध्यप्रदेश की सीमाओं को देखते हुए पड़ोसी राज्यों के साथ संयुक्त इंटेलिजेंस और समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया।
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एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और ड्रग-फ्री कैंपस पर जोर
केंद्रीय गृह सचिव ने ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में नेटग्रिड के प्रभावी इस्तेमाल, सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘ड्रग-फ्री कैंपस’ फ्रेमवर्क लागू करने और एनडीपीएस के मामलों के लिए विशेष अदालतों की जल्द स्थापना की जरूरत बताई। राज्य में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों के साथ साइबर अपराध, अवैध हथियार और संगठित अपराध के नेटवर्क पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को कानून-व्यवस्था के साथ सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के निर्देश दिए।
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नक्सलवाद के बाद अब विकास पर फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद पर नियंत्रण के बाद अब प्रभावित क्षेत्रों के विकास की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए 400 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। युवाओं में विश्वास बढ़ाने के लिए 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने की तैयारी है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने और जनजातीय क्षेत्रों में धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान चलाने की जानकारी भी दी गई।
16,895 पदों पर भर्ती, 27 हजार से ज्यादा प्रमोशन
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 16,895 पदों पर भर्ती की गई है। वर्ष 2026 में 9,662 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिस बैंड में 648 कर्मियों की भर्ती की गई है। करीब 10 साल से लंबित प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने के बाद विभिन्न संवर्गों में 27 हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। ई-एचआरएमएस से एक लाख से अधिक पुलिसकर्मियों को जोड़ा गया है।
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ई-साक्ष्य और नए कानूनों में भी प्रगति
बैठक में बताया गया कि ई-साक्ष्य का कवरेज पिछले साल के 17 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत हो गया है और सभी जिलों में 57 मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध हैं। नए आपराधिक कानूनों के तहत 90 दिन में चार्जशीट दाखिल करने की दर 69 प्रतिशत बताई गई, जबकि राष्ट्रीय औसत 59 प्रतिशत है। ई-समन की सीधी डिलीवरी में भी मध्यप्रदेश को देश में आगे बताया गया। बैठक में ड्रग्स, साइबर अपराध, आतंकवाद, भगोड़ों पर कार्रवाई, पुलिस आधुनिकीकरण, पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा समन्वय और आपदा प्रबंधन समेत कई मुद्दों की समीक्षा की गई।
अमित शाह की प्रेस वार्ता समेत कार्यक्रम रद्द
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे के कार्यक्रम में अचानक बदलाव हुआ। उनकी नारकोटिक्स को लेकर होटल ताज में प्रस्तावित प्रेस वार्ता और बैठक समेत IISER भौरी के कार्यक्रम और उनके बाकी कार्यक्रम भी निरस्त कर दिए गए हैं। हालांकि कार्यक्रम रद्द होने की वजह स्पष्ट नहीं बताई गई है।