मप्र में आवेदन की अंतिम तारीख तक भी यह आंकड़ा महज 10 हजार के आसपास ही सिमटा हुआ है।
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समय से बहुत पहले शुरू कर दी गई हज आवेदन प्रक्रिया अकीदतमंदों को रास नहीं आ रही है। करीब आठ महीने बाद होने वाले हज सफर के लिए इतनी जल्दी प्रारंभिक किस्त जमा करवा देना उन्हें नागवार गुजर रहा है। नतीजा यह है कि आवेदन प्रक्रिया में बढ़ाई गई अवधि भी हज अर्जियों की तादाद बढ़ाने में कुछ खास कमाल नहीं कर पाई है। 23 सितंबर को खत्म होने वाली हज आवेदन की तारीख तक भी हज सफर के लिए उत्साह दिखाने वालों की संख्या आधे से भी कम नजर आ रही है।
जानकारी के मुताबिक हज 2025 के लिए तय की गई पॉलिसी के तहत इस साल हज आवेदन समय से बहुत पहले ही शुरू कर दिए गए। जुलाई में पूरा हुआ हज 2024 का सफर तरीके से अपने मुकाम तक भी नहीं पहुंचा था, और हज कमेटी ऑफ इंडिया ने अगस्त में ही अगले हज की तैयारी शुरू कर दीं। करीब एक माह तक चले आवेदन प्रक्रिया के दौरान प्रदेश भर से महज 5 हजार के आसपास ही आवेदन जमा हो पाए थे। हालात इकलौते मप्र के न होकर देशभर में यही स्थिति बनी हुई थी। नतीजा यह हुआ कि सेंट्रल हज कमेटी ने आवेदन की अंतिम तारीख में बढ़ोतरी कर इसे 23 सितंबर तक कर दिया था। इस बढ़ी हुई तारीख के बाद भी आवेदन तादाद में कुछ खास इजाफा दिखाई नहीं दे रहा है। मप्र में आवेदन की अंतिम तारीख तक भी यह आंकड़ा महज 10 हजार के आसपास ही सिमटा हुआ है। गोरतलब है कि यह आवेदन की यह संख्या पिछले सालों में होते आए 20 से 22 हजार तक आवेदन से आधे से भी कम है।
हज कमेटी की मंशा पर घात
जानकारी के मुताबिक हर साल पूरे देश से हज पर जाने के लिए करीब दो लाख से ज्यादा हाजियों का कोटा मिलता है। इस कोटे से 80 प्रतिशत सीटें हज कमेटी के मार्फत जाने वाले लोगों के हिस्से आती हैं। जबकि 20 फीसदी कोटा निजी टूर ऑपरेटर्स को मिलता है। नई हज नीति के मुताबिक हज कमेटी को 70 प्रतिशत सीटें दी जाएंगी। इस लिहाज से हज 2025 के दौरान भारत से करीब एक लाख 75 हजार हाजी हज कमेटी के मार्फत हज पर जाएंगे। हज कमेटी के पास पहुंचे आवेदन से चयन किए जाने वाले हाजियों को अगले महीने प्रति हाजी करीब 80 हजार रुपए हज खर्च की पहली किस्त के रूप में जमा करना होंगे। संभवतः अक्टूबर अंत या नवंबर माह के पहले सप्ताह में जमा होने वाली इस पहली किस्त से हज कमेटी ऑफ इंडिया के खाते में करीब 1400 करोड़ रुपए जमा होंगे। नवंबर में जमा होने वाली इस राशि का इस्तेमाल हज कमेटी को अप्रैल या मई 2025 में शुरू होने वाले हज यात्रा पर किया जाना है। इस लिहाज से करीब 8 माह तक कमेटी के पास रखी रहने वाली इस बड़ी राशि के किसी फायदे से सरकार या हाजियों को कोई लाभ नहीं होना है।
बदले नियमों का भी असर
हज 2025 के लिए तय किए गए नियमों में उम्र का बंधन, पति पत्नी के अलग रखे जाने, बढ़े हुए हज खर्च आदि के अलावा पासपोर्ट वैद्यता आदि भी शामिल हैं। इन नियमों को भी हज आवेदन में आई कमी से जोड़ा जा रहा है।