शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी
- फोटो : अमर उजाला
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास विश्व के सबसे बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक समागम प्रयाग महाकुंभ में 10 जनवरी से 10 फरवरी के बीच ''ज्ञान महाकुंभ'' आयोजित करेगा। इस महाकुंभ में देश के शिक्षा जगत से छात्र, आचार्य, शिक्षाविद्, शोधार्थी, शिक्षा से जुड़े शासन-प्रशासन के पदाधिकारी, निजी शैक्षिक संस्थाओं के प्रतिनिधि आदि मिलकर देश की शिक्षा में आधारभूत परिवर्तन की प्रक्रिया को गति देने हेतु चिंतन-मंथन करेंगे। शुक्रवार को विश्व संवाद केंद्र में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने बताया कि इस ज्ञान महाकुंभ के पूर्व शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा देश की चारों दिशाओं में भारतीय शिक्षा के महत्वपूर्ण केन्द्र हरिद्वार, नालंदा, पुडुचेरी एवं कर्णावती (अहमदाबाद) में ज्ञानकुंभ हुए, जिसमें देशभर से शिक्षा जगत के हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की एवं शिक्षा जगत के समसामायिक चुनौतियों पर मंथन किया।
उन्होंने बताया कि यह महाकुंभ भारतीय शिक्षा के समग्र परिवर्तन के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर से छात्र, शिक्षाविद, शोधार्थी, आचार्य, और शिक्षा से जुड़े अधिकारी एकत्र होकर चिंतन और मंथन करेंगे। ज्ञान महाकुंभ का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा के क्षेत्र में समावेशित करने में गति लाना है। इस महाकुंभ में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे, जिनमें शैक्षिक प्रदर्शनी, विभिन्न संगोष्ठियां, छात्र, महिला और आचार्य सम्मेलन, और कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
7 से 9 फरवरी तक भारतीय शिक्षा की राष्ट्रीय संकल्पना पर एक विशाल राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। पहले दिन निजी शैक्षिक संस्थाओं की भूमिका, दूसरे दिन छात्र सम्मेलन और महिला सम्मेलन, और तीसरे दिन भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषा और शिक्षा से आत्मनिर्भरता पर विचार विमर्श किया जाएगा। समापन समारोह 9 फरवरी को आयोजित होगा। मुख्य संरक्षक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, और इसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख नेता, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री भी भाग लेंगे। यह महाकुंभ भारतीय ज्ञान परंपरा को आधार बनाकर भारत केन्द्रित शिक्षा की पुनः स्थापना के संकल्प के साथ एक व्यापक देशव्यापी आंदोलन की दिशा में कार्य करेगा।