मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह इस समय प्रदेश के दौरे पर हैं। उन्होंने सागर में जिले के तीन मंत्रियों- गोविंद सिंह राजपूत, गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह को सीधे-सीधे चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि जिस दिन कुर्सी जाएगी, उस दिन क्या होगा? मंत्रियों की दादागिरी चल रही है और इन सबके ऊपर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा बैठे हुए हैं। जरा भगवान से डरो। कुर्सी किसी की नहीं हुई।
दिग्विजय ने भाजपा में संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवारों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा में सात लोग मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। उन्होंने तो सूट भी सिलवा लिए हैं। इनमें भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय और वीडी शर्मा शामिल हैं। सब तैयारी में है कि मौका मिल जाए। लेकिन उन्हें यह मौका नहीं मिलने वाला। नवंबर-दिसंबर में शपथ ग्रहण होगा तो कमलनाथ ही मुख्यमंत्री बनेंगे।
दिग्विजय सिंह पिछले कुछ दिनों से लगातार दोहरा रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा तो कमलनाथ ही हैं। उनका यह भी दावा है कि मध्यप्रदेश में बहुमत के लिए 116 सीटों पर जीत हासिल करनी है। 2023 के चुनावों में कांग्रेस इससे भी अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। सागर जिले के सुरखी में उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग जनसेवा कम और व्यापार ज्यादा करते हैं। स्वयं-सेवा ज्यादा करते हैं। इससे पहले दिग्विजय सिंह ने बीना और खुरई विधानसभा क्षेत्रों में मंडलम सेक्टर बैठक और कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया। दिग्विजय सिंह उन सीटों पर जाकर कार्यकर्ताओं को एकजुट कर रहे हैं, जहां कांग्रेस लंबे समय से हार रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दे पर बात नही करती है। मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए धर्म के नाम पर गुमराह करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस का चेहरा कमलनाथ जी हैं।
कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में दिग्विजय सिंह ने कहा कि हर मंडलम-सेक्टर पर महिलाओं को प्राथमिकता देनी होगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, पिछड़े वर्ग को भी ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर, बीएलए में अनिवार्य रूप से जगह देना चाहिए। संगठन सबका है इसीलिए सभी अगड़ी-पिछड़ी जातियों के लोगों को संगठन में जोड़ने की आवश्यकता है। सभी को जोड़ेंगे तब मजबूत संगठन बनेगा क्योंकि संगठन में ही शक्ति है। पूर्व मुख्यमंत्री ने समस्त कार्यकर्ताओं की बैठक में अपने चिर परिचित अंदाज में महिलाओं को मंच पर बैठाया व स्वयं कार्यकर्ताओं के साथ सबसे पीछे की कतार में बैठे। उन्होंने सबकी बातें ध्यान से सुनी और उन्हें उनके जवाब दिए।
कार्यकर्ताओं को डरने की जरूरत नहीं
दिग्विजय सिंह ने खुरई में कार्यकर्ताओं से कहा कि किसी से डरने की जरूरत नही है। मंत्री के खिलाफ बोल नही सकते तो मुझे लिखकर दो। अन्याय नहीं होने देंगे, लड़ेंगे, जीतेंगे। उसके बाद कार्यकर्ताओं ने दिग्विजय से मंत्री द्वारा उन पर किए जा रहे अत्याचार की आपबीती लगभग दो घंटे सुनाई। पूर्व सीएम ने धीरता के साथ सभी कार्यकर्ताओं की बातें सुनी। उनकी निडरता और साहस के लिए उन्हें शाबाशी दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पहले जब मैं खुरई आया था और अब आया हूं तो अंतर दिखाई दे रहा है। हमारे कार्यकर्ता अब बिना देर घर से निकल रहे हैं। मैं कमलनाथ जी से कहूंगा कि वे एक प्रदेश स्तरीय जनसभा दतिया में और एक जनसभा खुरई में आयोजित करें। पूरे प्रदेश के नेताओं कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करें फिर देखते हैं कितने लोगों पर मंत्री जी केस दर्ज करवाते हैं, कितनी सभाएं रोकेंगे, इसीलिए घबराइए मत।
वीडी शर्मा बोले- दिग्विजय जाते हैं तो कांग्रेस के वोट कटते हैं
दिग्विजय के बयान पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मिस्टर बंटाधार फिर झूठ बोलकर मध्यप्रदेश को दुरावस्था में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह खुद कह चुके हैं कि मैं जनता के बीच जाता हूं, तो कांग्रेस के वोट कट जाते हैं। कांग्रेस प्रदेश में जमीन खो चुकी है। जब जमीन ही नहीं बची, तो चाहे दिग्विजय सिंह आएं, कमलनाथ आएं, अरुण यादव हों या कोई भी हो, कौन मुख्यमंत्री बनेगा, कहने में क्या जाता है।