मैं अकेला ही चला था जानिब ए मंजिल, लोग जुड़ते गए और कारवां बनता गया...! झीलों, पहाड़ों, हरियाली, ऐतिहासिक धरोहरों के शहर भोपाल को स्वच्छता का तमगा दिलाने की एक जिद की शुरुआत हुई। यह शुरुआत शहर के युवा समाजसेवी सैयद फैज अली ने वन मैन आर्मी के तौर पर की। लेकिन, उनके कदमों से ताल मिलाने वाले जल्दी ही जुड़ते गए। अब शहर के उन स्थानों पर स्वच्छता, सौंदर्य और कला की मिलीजुली प्रतिमूर्ति दिखाई देती है, जहां कभी गंदगी के अंबार दिखाई दिया करते थे।
शहर में स्वच्छता सैनिक के रूप में ख्यात हो चुके सैयद फैज अली कहते हैं कि भोपाल एक गौरवशाली शहर है, जो अपने अनूठे इतिहास और संस्कृति के लिए जाना जाता है। भोपाल को सुंदर बनाए रखना चाहिए। यह भावना उनके मन में घर कर गई। इसके बाद उन्होंने सफाई अभियान से शुरुआत की। बाद में मित्र और युवा भी उनके साथ जुड़ गए। वह आगे बढ़े और काम को अगले युग तक ले गए यानी भोपाल में सार्वजनिक स्थानों को सुंदर बनाना उन्होंने अपने मकसद में शामिल कर लिया। फैज अली ने शहर के उन हिस्सों को साफ करने का काम अपने ऊपर लिया, जिसने उनका ध्यान आकर्षित किया। हालांकि, कुछ साल बाद, वह 'वन-मैन आर्मी' का उदाहरण साबित करने में कामयाब रहे। शुरुआत उन्होंने व्यक्तिगत प्रयासों से की, फिर दोस्तों और निवासियों से सहायता मांगकर, शहर को बेहतर बनाने के लिए अपना योगदान देने का फैसला किया।
कोशिश रंग लाई
पिछले एक दशक में फैज शहर के कुछ सबसे गंदे स्थानों को नया स्वरूप देने में कामयाब रहे हैं। अब ये स्थान आकर्षक हो गए हैं। कला की प्रशंसा करने के साथ-साथ लोग अब उन स्थानों पर सेल्फी लेने के लिए भी रुकते हैं, जहां पहले कभी खड़े होना भी मुश्किल हुआ करता था। इन स्थानों से फैलती बदबू से बचने के लिए लोग जल्द आगे बढ़ जाया करते थे।
यह शहर मेरा है...
स्वच्छता के लिए समर्पित फैज कहते हैं कि मैं इस शहर से प्यार करता हूं, यह मेरा शहर और मेरा जन्म स्थान है। इसमें अद्भुत संरचनाएं, प्राकृतिक सुंदरता और अद्वितीय सांस्कृतिक परंपराएं हैं। मेरे दिल को दुख पहुंचाता है कि इतना अद्भुत शहर लापरवाही के कारण अपनी चमक खो रहा है। खासकर सड़कों की वजह से, दीवारों, प्राचीन इमारतों का उपयोग कचरा डंप करने के लिए किया जा रहा है।
फिर यह कर डाला
उन्होंने ऐसे स्थानों पर सौंदर्यीकरण, कला कार्य, भित्तिचित्र और पेंटिंग शुरू किया और अपने स्वयं के संसाधनों का उपयोग किया, जो गंदे हो गए थे। समय के साथ इस काम पर लोगों के साथ-साथ अधिकारियों का भी ध्यान गया। शहर के जिम्मेदार अधिकारियों ने भी इसे रेखांकित किया और स्वच्छता का यह सिलसिला आगे बढ़ता गया।
बने ब्रांड एंबेसडर
फैज के प्रयासों ने उन्हें स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड एंबेसडर बना दिया है। अब वह भोपाल नगर निगम के साथ मिलकर काम करते हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि कैसे आत्म-प्रेरणा, समर्पण और दृढ़ता आपको अपनी यात्रा में आगे ले जा सकती है और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
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भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट