भोपाल की सांसद व भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने रविवार को मांग की कि हिंदू मंदिरों व धर्मस्थलों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त किया जाना चाहिए, क्योंकि इन्हें मिलने वाला दान विधर्मियों व अल्पसंख्यकों के पास जा रहा है।
प्रज्ञा ठाकुर ने यह भी कहा कि प्रयागराज कुंभ के दौरान स्थापित किया गया भारत भक्ति अखाड़ा मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के लिए आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि हमारे हिंदू धर्मस्थल जिला कलेक्टरों के माध्यम से सरकार के नियंत्रण में हैं। कलेक्टर मंदिर समितियों के अध्यक्ष होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े मंदिरों समेत सभी मंदिरों को दान में मिलने वाली राशि अल्पसंख्यकों व विधर्मियों के पास जा रही है।
भोपाल के एक कॉम्प्लेक्स में भारत भक्ति अखाड़े के कार्यालय का उद्धाटन करते हुए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने रविवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह अखाड़ा हिंदू धर्मस्थलों पर सरकारी नियंत्रण का विरोध करेगा। हम आंदोलन करेंगे और सरकार को बाध्य करेंगे कि वह हमारे मंदिरों को नियंत्रण मुक्त करे। हिंदू उनका नियंत्रण करेंगे, सुरक्षा करेंगे और दान में आने वाला पैसा उनके विकास पर खर्च करेंगे।
उन्होंने कहा कि मंदिरों को मिलने वाली राशि हिंदुओं के विकास पर खर्च होना चाहिए। सांसद ने बताया कि अखाड़े का भोपाल कार्यालय धार्मिक कार्यों का केंद्र बनेगा। यह देश व राष्ट्रभक्ति का संरक्षण करेगा।
विवादों में रही हैं साध्वी प्रज्ञा
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अपने बयानों को लेकर विवादों में रही हैं। महात्मा गांधी की हत्या व नाथूराम गोडसे को लेकर भी उन्होंने विवादित बातें कही थीं, जिसके लिए उन्होंने बाद में माफी मांगी थी। साध्वी ने वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली व सुषमा स्वराज की मृत्यु के लिए विपक्षी दलों द्वारा काला जादू कराने का भी आरोप लगाया था। मुंबई हमले में शहीद हेमंत करकरे को लेकर उन्होंने विवादित बयान दिया था। वह 2008 के मालेगांव बम धमाका मामले की एक आरोपी हैं।