किसान जोड़ो अभियान चलाएगा भारतीय किसान संघ
- फोटो : अमर उजाला
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय किसान संघ ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। किसान संघ 15 दिसंबर से एक विशेष अभियान चलाने जा रहा है। अभियान के जरिए भारतीय किसान प्रदेश में करीब 15 लाख किसान जोड़ेगा। इसके लिए शुल्क भी रखा गया है। किसान जोड़ो के नाम से शुरू होने वाला यह अभियान एक महीने तक चलेगा। 25 जनवरी को इसका समापन किया जाएगा।
दरअसल, भारतीय किसान संघ भारतीय जनता पार्टी का ही एक अधीनस्थ संगठन है। भाजपा इसके जरिए लोकसभा चुनाव से पहले किसानों में अपनी पैठ बनाना चाहती है। पार्टी और संघ दोनों का ही लक्ष्य है कि करीब 15 लाख नए किसान जोड़ें जाएं। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में एक करोड़ से अधिक किसान रजिस्टर्ड हैं।
सदस्यता अभियान के लिए 10 रुपये का रखा शुल्क
किसान संघ ने अपने सदस्यता अभियान के लिए 10 रुपये का शुल्क भी रखा है। नए किसानों से ये शुल्क लिया जाएगा। इस हिसाब से 15 लाख नए किसान जोड़ने पर संघ को करीब एक करोड़ 50 लाख रुपये की आय इस सदस्यता अभियान से होने की उम्मीद है। इसका उपयोग किसानों के कार्यक्रम आयोजित करने में किया जाएगा।
लोकसभा चुनाव पर नजर
अगले साल 2024 में लोकसभा चुनाव होना है। मध्य प्रदेश में 29 लोकसभा सीट हैं। इनमें से वर्तमान में 28 सीटें भाजपा के पास हैं। वहीं, सिर्फ एक सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। लोकसभा चुनाव में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनसे जुड़े मुद्दे अहम माने जाते हैं। ऐसे में 15 लाख नए किसानों के माध्यम से भाजपा और किसान संघ 15 लाख परिवारों तक पहुंचने की योजना बना रहे हैं। प्रदेश में पांच करोड़ 60 लाख वोटर हैं। इनमें किसान और उनके परिवारों के वोट बड़ी संख्या में हैं।
हर तीन साल में चलाया जाता है सदस्यता अभियान
किसान संघ वैसे तो हर तीन साल में अपना मेंबरशिप अभियान चलाता है। लेकिन इस बार का ये अभियान कई मायनों में खास माना जा रहा है। इस अभियान के जरिए किसानों से संपर्क किया जाएगा। उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाएं बताई जाएंगी। उन्हें इससे जुड़े पैंफलेट्स भी दिए जाएंगे। गांव-गांव में 50 से अधिक किसान जोड़कर समिति का गठन भी किया जाएगा।