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Bhopal: एक शहर, तीन रेट; रियाल रेट के फर्क से हाजियों को लगेगा 5 करोड़ से ज्यादा का फटका

Tue, 14 May 2024 01:15 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल

सार

प्रदेश से इस साल करीब 7 हजार हाजी सऊदी अरब जाएंगे। प्रत्येक हाजी को 2100 रियाल साथ ले जाने की अनुमति दी गई है। इस लिहाज से प्रदेश के हाजी करीब 14 करोड़ 70 लाख रुपए के बदले रियाल लेने वाले हैं। 
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निजी बैंक कुछ अलग रेट पर रियाल उपलब्ध करवा रहा है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अकीदत के सफर की शुरुआत हो चुकी है। प्रदेश के हाजियों का पहला जत्था इंदौर से रुखसत हो गया है। बाकी की रवानगी की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में राजधानी भोपाल में उपलब्ध कराए जा रहे सऊदी रियाल के रेट में भिन्नता हाजियों को बड़ा झटका देने वाली है। जहां सरकारी बैंक से मिल रहे रियाल के रेट अलग हैं, वहीं निजी बैंक कुछ अलग रेट पर रियाल उपलब्ध करवा रहा है। जबकि निजी चेंजर ने अपने अलग ही रेट तय कर रखे हैं।
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जानकारी के मुताबिक हज 2024 पर जाने वाले हाजियों को सऊदी अरब की करेंसी उपलब्ध कराने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को पाबंद किया है। इसके साथ ही निजी बैंक बॉम्बे मर्केंटाइल से भी भारतीय मुद्रा को रियाल में कन्वर्ट किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ निजी चेंजर के पास भी यह सुविधा मौजूद है। सूत्रों के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एक सऊदी रियाल के बदले 22.90 रुपये चार्ज किए जा रहे हैं। इसके विपरीत निजी बैंक बॉम्बे मर्केंटाइल रियाल 22.75 रुपये में मुहैया करवा रहा है। 

होगा बड़ा एक्सचेंज
जानकारी के मुताबिक प्रदेश से इस साल करीब 7 हजार हाजी सऊदी अरब जाएंगे। प्रत्येक हाजी को 2100 रियाल साथ ले जाने की अनुमति दी गई है। इस लिहाज से प्रदेश के हाजी करीब 14 करोड़ 70 लाख रुपए के बदले रियाल लेने वाले हैं। इसी तरह देशभर से इस साल करीब 1 लाख 78 हजार लोग हज सफर पर जाएंगे। इस तादाद के मुताबिक देशभर से करीब 37 करोड़ 38 लाख रुपए की मनी एक्सचेंज कराई जाएगी। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बॉम्बे मर्केंटाइल बैंक के एक्सचेंज रेट में फर्क के लिहाज से हाजियों पर 5 करोड़, 60 लाख, 70 हजार रुपए का अतिरिक्त भार पड़ने वाला है।
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क्यों पड़ी जरूरत
पिछले दो साल पहले तक जारी व्यवस्था के तहत सेंट्रल हज कमेटी हाजियों से खर्च राशि एक मुश्त जमा करवा लेती थी। इसके मुताबिक प्रत्येक हाजी को सफर रवानगी से पहले एक निश्चित राशि के रियाल सौंप दिए जाते थे, लेकिन अब बदली व्यवस्था में एक्सचेंज की जिम्मेदारी हाजियों को ही सौंप दी गई है।

सेंट्रल हज द्वारा व्यवस्थाएं तय की जाती हैं। वहीं से मनी एक्सचेंज के लिए बैंक भी तय किए जाते हैं। प्रदेश हज कमेटी सिर्फ हाजियों को सूचनाएं पहुंचाने और उनके लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का काम करती है।

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-रफत वारसी, अध्यक्ष, मप्र राज्य हज कमेटी


(भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट) 
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