प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इण्डिया (PFI) के तीन पदाधिकारियों को एसटीएस ने गिरफ्तार किया है। यह तीनों देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों आरोपी गुलाम रसूल, गुलाम नबी, परेज खान को 8 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 121 (ए) 153(बी), 120-बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
एसटीएफ ने आरोपी 37 वर्षीय गुलाम रसूल शाह पिता अब्दुल शाह निवासी ग्राम बांकानेर तहसील मनावर जिला धार को भोपाल से गिरफ्तार किया। यह पीएफआई इंदौर जिला कमेटी के सक्रिय सदस्य होकर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के संपर्क में था। तथा मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भ्रमण कर संगठन के सदस्यों को धार्मिक उपदेश देकर पीएफआई की विचारधारा से प्रेरित करने का काम कर रहे था। वहीं, 56 वर्षीय गुलाम नबी उर्फ साजिद खान पिता गुलाम मुस्तफा खान निवासी जूना रिसाला इंदौर को भी भोपाल से गिरफ्तार किया गया है। यह पीएफआई का वरिष्ठ सक्रिय सदस्य होकर मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल करीम बेकरीवाला के साथ फाइनेंशियल मैनेजमेंट का कार्य देखता था। साथ ही पीएफआई के वरिष्ठ पदाधिकारियों के सीधे संपर्क में रहकर संगठन के कार्यक्रमों में भड़काऊ भाषण देता था।
आरोपी 30 वर्षीय परवेज खान पिता मुजम्मिल खान निवासी औरंगाबाद, महाराष्ट्र को उक्त प्रकरण में संलिप्त पाये जाने पर प्रोडक्शन वारंट पर औरंगाबाद जेल से लाकर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। यह वर्ष 2017 में तत्कालीन पीएफआई डिस्ट्रिक्ट प्रसिडेंट, औरंगाबाद (महाराष्ट्र) नासिर नदवी के माध्यम से महाराष्ट्र पीएफआई से जुड़ा था, जिसे वर्ष 2019 में औरंगाबाद का डिस्ट्रिक्ट सक्क्रेटरी नियुक्त किया गया। इसके बाद पुणे में शारीरिक सहनशक्ति (Physical Endurance) का कोर्स करने के बाद वर्ष 2021 में इसे सम्पूर्ण महाराष्ट्र का PE इंचार्ज बना दिया गया था। आरोपी परवेज पीएफआई के रीजनल पीई इंचार्ज हैदर हबीब निवासी कर्नाटक के साथ मध्यप्रदेश में कई बार पीई प्रशिक्षक का कोर्स कराने के लिए आता रहा था। शनिवार को तीनों गिररफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने तीनों को 8 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।