राजधानी के कोलार थाना क्षेत्र में रहने वाले एक कारोबारी के सूने मकान से ताला तोड़े बिना 20 लाख नगदी व 30 लाख के जेवरात समेत 50 लाख का माल चुराने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में कारोबारी के परिचित दंपती और उनकी नाबालिग बेटी को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद कर लिया। आरोपी दंपती ने पहले उन्हें अपना टॉरगेट बनाया और फिर जान-पहचान कर दोस्ती बढ़ाई और मौका पाकर वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि 26 मई को कोलार के महाबली नगर में रहने वाले कारोबारी वीरेंद्र सिंह परमार के सूने मकान से 20 लाख रुपये नगदी और 30 लाख रुपये के जेवरात चोरी चले गए थे। वारदात के वक्त वे शहर से बाहर गए हुए थे। इस कारण उनकी पत्नी अपने परिचित दंपती रुपेश राय व जय लक्ष्मी राय के पैलेस ऑर्चेट कोलार स्थित मकान पर रात रूकने चली गई थी। इसी बीच अज्ञात ने उनके सूने मकान में सेंध लगाकर वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई थी कि मकान का ताला तोड़े बिना ही वारदात को अंजाम दिया गया था। इस कारण पुलिस को शुरूआत से ही वारदात में किसी परिचित या जानने वाले का हाथ होने की आशंका थी।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
डीसीपी जोन-4, विजय खत्री ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच कर चोरी की वारदात में फरियादी के परिचित ऑर्चेट पैलेस कोलार निवासी रूपेश राय, उसकी पत्नी जय लक्ष्मी राय व उनकी नाबालिग बेटी के शामिल होने का पता चला। जब पुलिस ने संदेही आरोपी दंपती से पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 20 लाख रुपये नगदी, 30 लाख के जेवरात बरामद कर लिए हैं। आरोपियों ने पहले कारोबारी के परिवार को अपना टॉरगेट बनाया। इसके लिए आरोपियों ने पहले कोराबारी और उसकी पत्नी से जान-पहचान की और फिर अच्छी दोस्ती कर ली। इसके बाद उनके घर आना जाना शुरू कर दिया। जब कारोबारी काम के सिलसिले में शहर से बाहर गए थे और उनकी पत्नी घर पर अकेली थी। तभी आरोपी जय लक्ष्मी ने उन्हें खुद के घर रात रुकने के लिए बुला लिया। इसके बाद कारोबारी की पत्नी के पर्स से उनके घर की चाबी निकालकर सामान खरीदने के बहाने कारोबारी के घर पहुंच कर वारदात को अंजाम दिया।