पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर भोपाल में जुट कर्मचारी
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कांग्रेस शासित राज्यों में पुरानी पेंशन स्कीम लागू होने के बाद मध्य प्रदेश में भी मांग तेज होती जा रही हैं। रविवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान पर नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम संगठन के बैनर तले कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने के लिए एकजुट हुए। इसमें प्रदेश सरकार को पुरानी पेंशन बाहल करने के लिए एक माह का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद कर्मचारियों ने दिल्ली तक धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि हम सरकार बदलने का काम करेंगे।
नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बंधु ने कहा कि सरकार एक माह के अंदर पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने का निर्णय लें। यदि सरकार इस समय सीमा में निर्णय नहीं ले पाती है तो फिर कर्मचारी अपना काम करेंगे। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद डेहरिया ने कहा कि हमारी एक ही मांग है कि नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना के साथ पुरानी पेंशन बहाल की जाए। हम 2017 से इसकी मांग करते आ रहे हैं। लेकिन अब तक सरकार ने इस तरफ कोई कार्रवाई नहीं की है। गांधीवादी तरीके से हम अपनी आवाज उठाते रहेंगे और हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसे जरूर लागू करेंगे। भेल दशहरा मैदान पर प्रदेश भर के 25 संगठनों से जुड़े कर्मचारी एकजुट हुए। इस अवसर पर कांग्रेस विधायक और पीसी शर्मा भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अर्धसैनिक बलों को सबसे पहले पुरानी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। शर्मा ने कहा कि इस मुद्दे पर कर्मचारी एकजुट हो जाए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम लिखे पत्र में कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों अधिकारियों के लिए लागू केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम 1972 ओल्ड पेंशन स्कीम को खत्म कर 1 जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में नियुक्त केंद्रीय कर्मचारियों, अधिकारियों पर नेशनल पेंशन स्कीम एनपीएस लागू की है। जो पूरी तरह शेयर बाजार पर आधारित, जोखिम भरा और असुरक्षित है। जिसमें निश्चित पेंशन व परिवार पेंशन नहीं है।