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Bhopal News: राजधानी के हिस्से जश्न ए जम्हूरियत, आज शाम को सजेगी महफिल, जानें क्या है प्रोग्राम

Wed, 29 Jan 2025 03:29 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी ने आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी की यह परंपरा रही है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर साहित्यिक कार्यक्रमों और मुशायरों के माध्यम से जन-जन के साथ जुड़ाव स्थापित किया जाए।
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जश्न ए जम्हूरियत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी, संस्कृति परिषद, संस्कृति विभाग द्वारा गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में "जश्न-ए-जम्हूरियत: मुशायरा" का आयोजन 29 जनवरी 2025 को किया जाएगा। कार्यक्रम शाम 6:30 बजे राज्य संग्रहालय सभागार, श्यामला हिल्स, भोपाल में आयोजित होगा। भव्य मुशायरे में देश के प्रतिष्ठित शायर अपनी कविताओं और ग़ज़लों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

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उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी ने इस आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी की यह परंपरा रही है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर साहित्यिक कार्यक्रमों और मुशायरों के माध्यम से जन-जन के साथ जुड़ाव स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि गणतंत्र दिवस के महत्व को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाए। यह आयोजन न केवल साहित्यिक प्रेमियों को आकर्षित करता है, बल्कि गणतंत्र की भावना को सशक्त और व्यापक बनाने में भी योगदान देता है।

प्रमुख शायर और उनकी भागीदारी
इस वर्ष के मुशायरे में देश के ख्यातिप्राप्त शायर अपनी रचनाओं से श्रोताओं को रोमांचित करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रो. शहपर रसूल, डॉ. अंजुम बाराबंकवी, हिना रिज़वी हैदर, क़ाज़ी मलिक नवेद, नफ़ीसा सुल्ताना 'अना', आशु मिश्रा, चराग़ शर्मा, शादाब आज़मी, ग़ौसिया ख़ान सबीन, और संदीप श्रीवास्तव जैसे प्रसिद्ध नाम अपने कलाम पेश करेंगे। उनकी रचनाओं में गणतंत्र, एकता, विविधता और सामाजिक समरसता के विचार सुनाई देंगे।
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साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष अवसर
डॉ. नुसरत मेहदी ने भोपाल के सभी साहित्य एवं कला प्रेमियों से कार्यक्रम में उपस्थित होने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, "जश्न-ए-जम्हूरियत मुशायरा केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे गणतंत्र की मूल भावना को व्यक्त करने का एक रचनात्मक प्रयास है। इसमें भाग लेकर साहित्य प्रेमी न केवल शायरों की उत्कृष्ट रचनाओं का आनंद लेंगे, बल्कि गणतंत्र दिवस की भावना को भी गहराई से अनुभव करेंगे।"

आयोजन का महत्व
यह आयोजन गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता के प्रति हमारे सम्मान को व्यक्त करता है। कार्यक्रम में प्रस्तुत होने वाले कलाम गणतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों को उजागर करेंगे और श्रोताओं को इसके महत्व से अवगत कराएंगे।

समारोह का समय और स्थान
यह मुशायरा 29 जनवरी 2025 को शाम 6:30 बजे राज्य संग्रहालय सभागार, श्यामला हिल्स, भोपाल में आयोजित होगा। यह आयोजन न केवल साहित्यकारों के लिए बल्कि कला और संस्कृति के प्रेमियों के लिए भी एक यादगार अवसर साबित होगा।

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