कटनी निवासी अर्चना तिवारी के भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास से लापता होने के सनसनीखेज मामले को छह दिन हो गए हैं, लेकिन युवती का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। कटनी जीआरपी में परिजनों ने युवती की गुमशुदगी दर्ज कराई थी, इसके बाद जांच का जिम्मा कटनी के साथ इंदौर जीआरपी को सौंपा गया था। मामला संवेदनशील होने के कारण जांच भोपाल रेल एसपी राहुल लोढा के नेतृत्व में की जा रही है।
अब तक इंदौर से भोपाल, भोपाल से जबलपुर, कटनी, उमरिया तक पड़ने वाले सभी रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज मध्य प्रदेश की जीआरपी पुलिस स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सर्च कर चुकी है। तीन अलग-अलग टीमें बनाकर युवती की तलाश की जा रही है।
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सात अगस्त को इंदौर से निकली थी
अर्चना तिवारी इंदौर के सत्कार गर्ल्स हॉस्टल में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी। वह सात अगस्त को इंदौर छात्रावास से निकली थी और 17 तारीख को वापस आना छात्रावास के रजिस्टर में स्वयं ने लिखा था। इंदौर से कटनी जाते समय नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच में सवार थी। उसकी अंतिम लोकेशन रानी कमलापति स्टेशन के पास मिली थी। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर युवती को उतरते हुए भी कुछ लोगों ने देखा था।
मोबाइल बंद, सामान बर्थ पर मिला था
अर्चना का मोबाइल बंद है और सारा सामान ट्रेन की बर्थ पर मिला था। ऐसे में उसके अपहरण, एक्सीडेंट, सुसाइड और अन्य तरह की आशंका से परिजन बहुत व्यथित हैं। परिजन भोपाल तक पहुंचे हैं, लेकिन अपने स्तर पर तलाश करने के बाद भी उनके पास भी कोई ठोस जानकारी नहीं है। भोपाल एसपी रेल राहुल लोढा ने कहा कि एक-दो दिन में इस गुत्थी को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
तीन प्रकार की टीमों को सौंपा जांच का जिम्मा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रक्षाबंधन पर घर जा रही अर्चना के अचानक ट्रेन से लापता होने का मामला बेहद गंभीर श्रेणी का है। लिहाजा पुलिस मुख्यालय, साइबर सेल भी सक्रिय है। युवती की तलाश के लिए तीन प्रकार टीमें गठित की गई हैं। एक टीम इंदौर से भोपाल, जबलपुर, कटनी, उमरिया तक के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज, स्टेशन पर लगने वाले स्टॉल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। दूसरी टीम साइबर सेल की है, जो युवती के मोबाइल नंबर, पिछले एक महीने में उसके नंबर पर किन-किन नंबरों से बात हुई, उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल सहित अन्य जानकारी खंगाल रही है। तीसरी प्रकार की टीम में स्थानीय जिला पुलिस बल जीआरपी के साथ मिलकर रेलवे पटरी के किनारे इंदौर से भोपाल, जबलपुर, कटनी और उमरिया तक का रेलवे ट्रैक के आसपास तलाशी कर रह है। एसडीआरएपफ की एक टीम नर्मदापुरम में नर्मदा की तेज धारा में छलांग लगाकर पानी में भी तलाशी कर चुकी है।
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सफेद कार से मिला क्लू, भोपाल के पास लोकेशन!
जीआरपी सूत्रों की मानें तो इंदौर के जिस सत्कार महिला छात्रावास में रहकर अर्चना तिवारी सिविल जज की तैयारी कर रही थी। उस छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज में अर्चना के इंदौर से कटनी रवाना होने से एक दिन पहले एक सफेद रंग की कार दिखी है। इसी सफेद रंग की कार से अर्चना तिवारी उतरी और छात्रावास गई। पुलिस ने छात्रावास की युवतियों और आसपास पूछताछ की तो पता चला कि यह सफेद कार आए दिन अर्चना तिवारी को छोड़ने छात्रावास के बाहर तक आती रहती थी। पुलिस को यहां से सुराग मिलने की संभावना है। कहा जा रहा है कि इस कार के नंबर से पुलिस को अर्चना तक पहुंचने की तैयारी में है। कहा यह भी जा रहा है कि अर्चना भोपाल और नर्मदापुरम में ही कहीं है। पुलिस अभी खुद यह नहीं समझ पा रही कि अर्चना को किसी ने अपहरण किया है, बंधक बनाकर रखा है या वह अपनी मर्जी से कहीं है।
मुंहबोले भाई ने रखा 51 हजार का इनाम
उधर, कटनी में अर्चना तिवारी के मुंहबोले भाई अमन मिश्रा ने कहा कि वह मुझे राखी बांधती थी। मैं अपनी बहन की सलामती की दुआ करता हूं। अगर कोई उसकी तलाश करके लाता है, उसका पता पुलिस को या मुझे बताता है तो मैं उसे 51 हजार रुपये नकद इनाम दूंगा।