भोपाल के विसर्जन घाटों का निरीक्षण
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राजधानी भोपाल में इस साल भी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन पुराने घाटों पर ही होगा। मूर्ति विसर्जन को लेकर घाट पर व्यवस्थाएं की जा रही है। मंगलवार को महापौर मालती राय और नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण,ओबीसी योगेंद्र चौहान ने भोपाल के विसर्जन घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। हालांकि नगर निगम की बैठक में नए विसर्जन घाट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी, लेकिन समय कम होने के चलते नए घट अभी तक बन नहीं पाए हैं। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन केलिए नगर निगम ने घाटों पर इंतजाम शुरु कर दिए हैं। इन घाटों पर क्रेन और गोताखोरों की मदद से प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार से शुरु होगा।
एनजीटी ने लगाई है रोक
दरअसल राजधानी भोपाल के तालाबों को प्रदूषण से मुक्त बनाने के लिए हाल ही में नेशनल ग्रीन ट्रिब्ल्यूनल बोर्ड ने प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगा दी है। एनजीटी की रोक लगते ही नगर निगम ने शहर में चार जगहों पर घाट विकसित करने की तैयारी एक महीने पहले ही शुरू कर दी थी। लेकिन जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं होने से पुराने घाटों पर विसर्जन होगा।
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महापौर की अपील तालाब में ना डालें फूल-माला
दौरान महापौर राय ने कहा कि भोपाल की सातों विसर्जन घाटों का जायजा लिया गया है। इस दौरान उन्होंने शहरवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि विसर्जन के समय मूर्ति का विसर्जन तालाब में और पूजा समाग्री जैसे फूल-माला को तालाब की जगह कंटेनर में डालें। इसके लिए कंटेनर की व्यवस्था भी नगर निगम की ओर से की गई है। जलस्त्रोतों को स्वच्छ रखने पर उन्होने जोर दिया है।
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