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Bhopal: आईटी पेशेवर ने नाइट्रोजन गैस का पाइप मुंह में लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा था खुदकुशी का तरीका

Wed, 29 May 2024 10:21 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल

सार

आत्महत्या करने के लिए युवक ने जो तरीका निकाला था, वह बिलकुल नया है। उसने पॉलीथिन से अपने सिर और चेहरे को कवर किया और नाइट्रोजन गैस सिलेंडर का पाइप मुंह के भीतर डालकर उसे चालू कर दिया। दर्द रहित मौत के लिए उसने चार पन्नों में फॉर्मूला भी लिखा था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी की मिसरोद पुलिस ने मंगलवार रात जाटखेड़ी स्थित निरूपम रॉयल इमारत के एक फ्लैट से युवक की दो-तीन दिन पुरानी लाश बरामद की है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि युवक ने आत्महत्या की है। आत्महत्या करने के लिए युवक ने जो तरीका निकाला था, वह बिलकुल नया है। उसने पॉलीथिन से अपने सिर और चेहरे को कवर किया और नाइट्रोजन गैस सिलेंडर का पाइप मुंह के भीतर डालकर उसे चालू कर दिया। दर्द रहित मौत के लिए उसने चार पन्नों में फॉर्मूला भी लिखा था। इन्हीं पन्नों में युवक ने जीवन से हताश और निराश होने जैसी बातों का उल्लेख भी किया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराने के बाद लाश परिजन को सौंप दी। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
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पुलिस के अनुसार सिद्धार्थ खुराना (31) मूलतः लखनऊ का रहने वाला था। फिलहाल वह जाटखेड़ी स्थित निरूपम रॉयल में एक फ्लैट में किराए से रहता था। सिद्धार्थ पहले एक आईटी कंपनी में काम करता था, लेकिन पिछले करीब छह महीने से वह घर पर ही रह रहा था। उसी फ्लैट के सामने रहने वाले कमरे में रहने वाला केदार कदम एक ट्रैवल्स एजेंसी में काम करता है। आमने-सामने रहने के कारण दोनों के बीच पहचान थी, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से उनकी मुलाकात नहीं हुई थी। 

दरवाजा नहीं खोलने पर दी पुलिस को सूचना 
मंगलवार रात करीब नौ बजे केदार अपने कमरे पर पहुंचा। पता चला कि घरेलू काम करने वाली बाई पिछले दो दिनों से नहीं आई है। बाई का पता लगाने के लिए केदार ने सिद्धार्थ को फोन लगाया तो उसका फोन स्विचऑफ मिला। उसके बाद उसने दरवाजा खटखटाया तो सिद्धार्थ ने दरवाजा भी नहीं खोला। काफी प्रयास करने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला को केदार ने इसकी सूचना मिसरोद पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजे को जोर से धक्का दिया तो ऊपर वाली चिटकनी उखड़ गई और दरवाजा खुल गया। अंदर जाकर देखा तो सिद्धार्थ मृत हालत में पड़ा हुआ था।
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मौत को गले लगाने अनोखा तरीका अपनाया
पुलिस के अनुसार आत्महत्या करने के लिए सिद्धार्थ ने अनोखा तरीका अपनाया था। उसने एक पॉलीथिन से अपने चेहरे और सिर को पूरी तरह से कवर किया और टेप चिपका लिया था। उसके बाद करीब ढाई फीट लंबे नाइट्रोजन सिलेंडर का पाइप अपने मुंह के भीतर दबाकर उसकी नॉब खोल दी थी। गैस शरीर के भीतर जाने पर उसकी मौत हो गई होगी। कमरे की तलाशी में पुलिस को चार पन्नों का एक सुसाइड नोट भी मिला। अंग्रेजी में लिखे इस सुसाइड नोट में खुदकुशी के फॉर्मूले का उल्लेख किया गया था। उसमें किस दवा में कौन की दवा कितनी मात्रा में मिलाई जानी चाहिए, इसका भी उल्लेख था। साथ ही उसने जीवन से निराश होने की बातों का भी उल्लेख किया था। 

कमरे में डिप्रेशन से इलाज के पर्चे भी मिले
पुलिस को सिद्धार्थ के कमरे से इलाज से जुड़े कुछ पर्चे बरामद हुए हैं। ये पर्चे डिप्रेशन के इलाज के बताए गए हैं। वह चूनाभट्टी स्थित एक बड़े अस्पताल से अपना इलाज करवा रहा था। लाश को हाथ लगाने पर उसकी चमड़ी निकल रही थी, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि करीब तीन दिन पहले मौत हुई होगी।
 
जो हासिल करना चाहता, वह नहीं मिला
सुसाइड नोट का मजमून यह है कि वह जीवन में जो कुछ हासिल करना चाहता था, वह उसे नहीं मिला। इसके लिए उसने एक युवा फिल्म अभिनेता की खुदकुशी का हवाला भी दिया था। पुलिस ने जांच के लिए मृतक का मोबाइल फोन जब्त किया है।
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