भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) भोपाल महानगर के जिला महामंत्री और युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की करंट लगने से हुई मौत के मामले में जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। भोपाल कलेक्टर की ओर से घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। दिव्यऋषि तिवारी की मौत बिजली के खंभे से करंट लगने के बाद हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मामले की जांच और वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बता दें खंभा नगर निगम का बताया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि खंभे में करंट कैसे आया इसकी जांच कर रहे हैं। वहीं, सोमवार को बार एसोएिशन के पदाधिकारी एमपी नगर थाने पहुंचे और दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
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चार अधिकारियों की टीम करेगी जांच
भोपाल कलेक्टर की ओर से गठित जांच समिति में अपर कलेक्टर सुमित पांडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष शर्मा, बिजली विभाग के कार्यपालिका नियंत्रक मोहम्मद जावेद और अधीक्षण अभियंता प्रदीप सिंह चौहान को शामिल किया गया है। समिति हादसे के कारणों, बिजली के खंभे और विद्युत व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी। साथ ही घटना में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। समिति को पांच दिन में अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपनी है।
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मुख्यमंत्री ने जताया दुख
घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी दुख जताया है। उन्होंने दिव्यऋषि तिवारी को श्रद्धांजलि देते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना को लेकर जिला प्रशासन को जांच कर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिजनों को यह दु:ख सहन करने का संबल प्रदान करें।