उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को सड़क चौड़ीकरण की जद से हटाने को लेकर हुए विवाद के बीच कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कार्रवाई के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए थी। मसूद ने लोगों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उज्जैन में सोमवार को शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान विरोध और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी। पथराव के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। मामले को लेकर इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
बातचीत से समाधान निकालने की अपील
आरिफ मसूद ने कहा कि प्रशासन के साथ बातचीत का दौर जारी है। मामले का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति से बचें। मसूद ने कहा कि मुस्लिम समाज मस्जिद का मीनारा हटाने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, उनके मुताबिक समाज करीब तीन फीट जगह देने के लिए तैयार है, ताकि सड़क चौड़ीकरण को लेकर रास्ता निकाला जा सके।
मस्जिद आजादी से पहले से मौजूद होने का दावा
कांग्रेस विधायक ने दावा किया कि संबंधित मस्जिद आजादी से पहले से वहां मौजूद है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल को लेकर प्रशासन और समाज के बीच बातचीत के जरिए ऐसा समाधान तलाशा जाना चाहिए, जिससे विवाद और तनाव की स्थिति न बने।
यह भी पढ़ें-एमपी में मानसून विदाई की उल्टी गिनती शुरू: 37.7 इंच बारिश, सामान्य कोटे से सिर्फ 0.2% दूर, अब धूप बढ़ेगी
मंदिर-मस्जिद दोनों को बचाने की तैयारी होनी चाहिए थी
मसूद ने हनुमान मंदिर का भी जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन को पहले से ऐसी तैयारी करनी चाहिए थी, जिससे मंदिर और मस्जिद दोनों को हटाने की स्थिति नहीं बनती। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ संभालने की जरूरत है।