निजी नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह
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इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा लागू किए गए नए कॉमन इम्पेनलमेंट एग्रीमेंट के बाद मध्य प्रदेश में निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई बड़े निजी अस्पताल संचालकों ने घोषणा की है कि 1 सितंबर से बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस और केयर हेल्थ इंश्योरेंस के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा बंद कर दी जाएगी।
हालांकि, आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को इलाज की सुविधा लगातार मिलती रहेगी।
कॉमन इम्पेनलमेंट एग्रीमेंट का असर:
इस नए फ्रेमवर्क के तहत एक जैसी सर्जरी के लिए छोटे और बड़े अस्पतालों को समान भुगतान किया जाएगा। निजी नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह ने बताया कि बड़े अस्पतालों का खर्च छोटे अस्पतालों की तुलना में अधिक होता है। इसके अलावा पहले से ही भुगतान में देरी और क्लेम रिजेक्ट होने जैसी समस्याएं मौजूद हैं। ऐसे में नए एग्रीमेंट को बड़े अस्पताल घाटे का सौदा मान रहे हैं और विरोध कर रहे हैं।
डॉ. रणधीर सिंह ने बताया कि राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के सभी बड़े अस्पताल संचालक उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि यदि इंश्योरेंस कंपनियां इस एग्रीमेंट में बदलाव नहीं करती हैं, तो विरोध जारी रहेगा। इस बदलाव के कारण प्रदेश के निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है