भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस हादसे के पीड़ितों के पांच संगठनों ने सरकार से अतिरिक्त मुआवजे की मांग को लेकर एक महीने के अभियान की शुरुआत की। संगठनों ने 38वीं बरसी से पहले सरकार से अपने वादों को पूरा करने की मांग की। संगठनों की तरफ से बताया गया कि 3 दिसंबर 2022 को गैस त्रासदी की 38वीं वर्षगांठ के अवसर पर नई दिल्ली में एक शांतिपूर्ण रैली आयोजित की जाएगी।
भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा ने कहा कि जनवरी 2012 में वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र की प्रतियां भी प्रस्तुत की। ढीगरा ने कहा कि जिसमें गैस काण्ड की वजह से 15,342 मौत होने की बात बनाई गई थी, न कि 5295, जैसा कि सुधार याचिका में पेश किया गया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में हर एक गैस पीड़ित को 5 लाख देने का आग्रह किया था। उन्होंने पूछा कि अब मुख्यमंत्री को वहीं मांग वाला पत्र वर्तमान प्रधानमंत्री को भेजने से कौन रोक रहा है।
भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव अतिरिक्त मुआवजे के लिए जिस सुधार याचिका पर जल्द ही सुनवाई होने वाली है उस पर प्रदेश सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमारे मुख्यमंत्री ने हादसे की वजह से हुई मौतों बीमारियों के सही आंकड़े पेश करने पर आजतक एक उंगली तक क्यों नहीं उठाई है ? जबकि 2011 में उन्होंने स्पष्ट और सार्वजनिक तौर पर यह घोषणा की थी कि गैस हादसे के लिए अतिरिक्त मुआवजे के मुद्दे पर प्रदेश सरकार पीड़ितों के संगठनों के विचारों से सहमत है। उस समय उन्होंने इस मुद्दे पर गैस पीड़ितों के प्रतिनिधिमण्डल के साथ प्रधानमंत्री से मिलने का भी वादा किया था।”
भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रशीदा बी ने कहा कि आज हम प्रदेश और केंद्र की सरकारों को भोपाल गैस हादसे के लिए अतिरिक्त मुआवजे पर उनके द्वारा किए गए वादों को पूरा करवाने के लिए अपना अभियान शुरू कर रहे हैं। हम नवम्बर का महीना राज्य सरकार को समझाने में बिताएंगे और 3 दिसम्बर को जंतर-मंतर पर भोपाल गैस पीड़ितों के शांतिपूर्ण रैली के जरिए केंद्र सरकार से वादे पूरे करवाएंगे।
एक अन्य संगठन की नौशीन खान ने कहा कि हर गैस पीड़ित को छः लाख रुपये के अतिरिक्त मुआवजे के समर्थन में चलाए जा रहे अभियान में अब तक 30 हजार से अधिक हस्ताक्षर शामिल हो चुके हैं। “हर दिन गैस पीड़ित अभियान में शामिल होने के लिए नीलम पार्क में इकट्ठा हो रहे हैं ताकि सरकार अतिरिक्त मुआवजे के दावे में सुधार करे और अमरीकी कम्पनियों से 96 अरब रुपये के बदले 646 अरब रूपयों की मांग करें।