मुनिनगर निवासी कैलाश रामटेके (48) नापतौल विभाग में सहायक ग्रेड तीन के पद पर पदस्थ थे। परिजनों ने बताया कि कैलाश रामटेके किशनपुरा से स्कूटर से घर लौट रहे थे। तभी देवास रोड पर एक व्यक्ति को बचाने के चक्कर में स्कूटर से गिरकर घायल हो गए। स्थानीय उन्हें अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उज्जैन के मुनिनगर में रहने वाले नापतौल विभाग के बाबू की स्कूटर से गिरने के बाद मृत्यु हो गई। परिजनों ने बताया कि राहगीर उन्हें माधव नगर अस्पताल ले गए थे। वहां न तो डॉक्टर मिले और न ही ड्रेसर था। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
विज्ञापन
कैलाश रामटेके (48) निवासी मुनिनगर नापतौल विभाग में सहायक ग्रेड तीन के पद पर पदस्थ थे। परिजनों ने बताया कि कैलाश रामटेके किशनपुरा से फ्रीगंज होते हुए स्कूटर से घर लौट रहे थे। तभी देवास रोड पर अपना स्वीट्स के पास एक व्यक्ति को बचाने के चक्कर में स्कूटर से गिरकर घायल हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें आटो में बैठाया और माधवनगर अस्पताल पहुंचे। जहां कैलाश रामटेके को काफी देर तक प्रारंभिक उपचार नहीं मिला। लोगों ने परिजनों को सूचना दी।
परिजन अस्पताल पहुंचे तो रामटेके गंभीर रूप से घायल अवस्था में स्ट्रेचर पर पड़े थे। उनकी ड्रेसिंग तक नहीं हुई थी, खून बह रहा था। अस्पताल में पूछताछ की तो पता चला कि यहां न तो डॉक्टर हैं न ही ड्रेसर। परिजन उन्हें तुरंत निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने परीक्षण के बाद कैलाश रामटेके को मृत घोषित कर दिया।