प्रदेश में नई शराब नीति की मांग और ओरछा में शराब दुकान बंद कराने को लेकर अभियान चला रहीं पूर्व सीएम उमा भारती ने केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार और निवाड़ी के भाजपा विधायक अनिल जैन पर निशाना साधा है। उन्होंने नाम लिए बिना दोनों नेताओं पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने का आरोप लगाया। उमा भारती ने सवाल किया कि क्या इनको राम का नाम लेने और रामराजा सरकार की जय बोलने का अधिकार है?
पूर्व सीएम उमा भारती ने मंगलवार को एक के बाद एक ट्वीट कर कहा कि ओरछा की शराब की दुकान न हट पाने का रहस्य खुल गया, हमारी सरकार ने जब बंद करने का नोटिस दिया तो तीन बातें गलत तरीके से प्रस्तुत की गईं। यह तर्क दिया गया कि शराब दुकान रामराजा दरबार मंदिर से एक किलोमीटर दूर है। यह नहीं लिखा गया कि यह रामराजा सरकार के मंदिर के प्रवेश द्वार के मुहाने पर है एवं रोड के मध्य से सिर्फ 17 फीट की दूरी है। रात को शराबी सड़क पर उपद्रव करते हैं। दुघटनाएं होती हैं। पर्यटकों को असुविधा एवं भाजपा को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। लोगों के विरोध के बावजूद ठेकेदार को लाभ कमाने के लिए आबकारी विभाग ने इस दुकान को खुलाया। भाजपा के एक पदाधिकारी के जेल जाने के बावजूद शराब की दुकान बंद नहीं हुई।
सीएम को घेरे रहते हैं सांसद और विधायक
उमा भारती ने कहा, 'सरकार के पास सबसे बड़ी शक्ति होती है। हमारी सरकार ऐसी शराब की दुकानों के सामने कैसे शक्तिहीन हो गई? यह खोज का विषय है। मेरी जानकारी में शिवराज जी को इस संपूर्ण विषय की समग्रता से जानकारी नहीं है। मैं शिवराज जी को जानती हूं, उनकी जानकारी में होता तो यह दुकान कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के आधार पर कभी भी बंद कर सकते थे। उमा भारती ने कहा कि शिवराज जी ओरछा वर्ष में कई बार आते हैं, खूब लाइटें जलती हैं, धूम धड़ाका होता है। निवाड़ी जिले के विधायक एवं सांसद हमारे भाई को घेरे रहते हैं, उन्हें वास्तविकता का पता ही नहीं लग पाता।'
अब मैं इन दोनों से बात करूंगी
पूर्व सीएम ने कहा कि इतनी जानकारी एकत्रित करने के बाद 'मैं यहां के सांसद एवं विधायक को शत प्रतिशत इसके लिए दोषी मानती हूं। वे दोनों हमारी मुख्यमंत्री जी को सत्य से अवगत ही नहीं करा पाए, अब मैं इन दोनों से बात करूंगी, क्या इन्हें राम का नाम लेने एवं रामराजा सरकार की जय बोलने का अधिकार हैं?