शिकायत लेकर पहुंची पीड़ित महिला।
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मध्यप्रदेश के कटनी जिले में एक आदिवासी महिला को जादू-टोने के शक में ग्रामीणों ने जान से मारने की कोशिश की। महिला ने समझदारी दिखाते हुए घर दरवाजा बंद कर अपनी जान बचाई। सुबह मौके देखकर वह घर छोड़ अपने मायके चली गई। महिला ने पुलिस थाने जाकर शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख किया।
ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम आमाझार की महिला अशोक बाई गौड़ ने बताया कि उसके पति की मौत के बाद से गांव के कुछ लोग उसे जादू-टोने के शक में शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। हाल ही में 29 अगस्त को गांव के कपूर सिकरवार, पिंटू सिकरवार, राकेश सिकरवार और धर्मपाल सोलंकी घर में आकर गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की कोशिश की। मैंने घर में घुसकर दरवाजा बंद करके अपनी जान बचाई।
अभी मैं अपने मायके ग्राम जिर्री में रहती हूं। मेरे घर और खेत का नुकसान होने का डर है। वहीं कुछ लोग मेरे बेटे को भी मारने की धमकी दे रहे हैं। इसलिए आज एसपी कार्यालय आकर शिकायत दी है। एएसपी साहब ने निराकरण करने की बात कही है।
बुआ अशोक बाई के साथ पहुंचे विनोद मरावी ने बताया कि बुआ के साथ जादू-टोने के शक में उन्हें बेवजह परेशान किया जाता है, जबकि इसकी शिकायत ढीमरखेड़ा थाने में दर्ज कराई गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अभी कटनी एएसपी साहब से मिले तो कार्रवाई का आश्वासन मिला है। पूरे प्रकरण पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज केड़िया ने बताया मामला संज्ञान आया है। जांच और कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी को बोला है। वहीं, एफआईआर अभी दो तारीख को हुई है। एसडीओपी से भी चर्चा करते हुए कार्रवाई करवाई जाएगी।