किसान नेता एवं कृषि मंत्री व छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ पर पलटवार किया है। पटेल ने कहा कि कमलनाथ मुख्यमंत्री बनते से ही मंत्रालय के गलियारे में नाग जैसी कुंडली मार कर बैठ गए थे। उन्होंने ना तो किसानों का प्रीमियम जमा किया और ना ही एक रुपया का बीमा किसानों को दिलवाया। साथ ही जो स्केल ऑफ फाइनेंस का बीमा 100% होता था, उसे मुख्यमंत्री रहते कमलनाथ ने 75% कर दिया था। जिससे 25% बीमा का नुकसान किसानों को हुआ था।
कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि कमलनाथ किसानों के नाम पर नौटंकी और घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें। मैं मांग करता हूं कि सबसे पहले कमलनाथ प्रदेश के किसानों से माफी मांगे।
पटेल ने हरदा में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार बनते ही एक सप्ताह में पैसा जमा किया गया और अभी तक 9000 करोड़ से ज्यादा की राशि किसानों के खातों में हमारी सरकार जमा कर चुकी है। अगर कमलनाथ मुख्यमंत्री होते तो किसानों को एक रुपया भी अभी तक नहीं मिलता।
पटेल ने कहा कि मैं सबसे पहले कमलनाथ जी से मांग करता हूं कि वे सार्वजनिक रूप से किसानों से माफी मांगें कि मैं मुख्यमंत्री रहत हुए प्रीमियम जमा नहीं कर पा रहा था, इसलिए 25 प्रतिशत कम कर दिया। कहें कि मैंने किसानों के साथ अन्याय किया। इसके बाद किसानों की बात करें, वरना आपको कोई नैतिक अधिकार नहीं है किसानों की बात करने का। ये नौटंकी करना बंद करो, इसी नौटंकी के कारण कांग्रेस की ये गति कर दी। आने वाले समय में कांग्रेस सफाया हो जाएगी।
पटेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जो कहती है, वो करती है। हम पहले किसान हैं, बाद में मंत्री। मैं किसान भाइयों को बताना चाहता हूं कि कांग्रेस ने 60 साल राज किया, एक बीमा योजना नहीं थी। बीमा ही नहीं होता था।
कमलनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाए थे आरोप
बता दें कि कमलनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाए हैं। कमलनाथ ने कहा था कि शिवराजजी सिर्फ घोषणा करते रहते हैं। उनसे कोई भी घोषणा करवा लो। उन्होंने कहा कि मैंने आज छिंदवाड़ा में कई क्षेत्रों का दौरा किया है, जहां ओलावृष्टि व अति वर्षा से फ़सलों का नुकसान हुआ है। चना, गेहूं, सब्जियां भी खराब हुई हैं। आज मैंने पीड़ित किसानों से मिलकर सर्वे की पूरी जानकारी ली है, अब बात मुआवज़े की है। ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिले, भोपाल जाकर यह प्रयास करूंगा। लगभग 40 गांव में नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानो के बीच, लोगों के बीच पहुंच रहा हूं।
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