दतिया से साठ किमी दूर रतनगढ़ देवी मंदिर में सात साल बाद फिर भगदड़ हुई और लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। दुर्घटना अपने आप में रहस्यमय है। मौके पर कोई कारण नजर नहीं आता कि भगदड़ मचे। दुर्घटना पर कुछ ऐसे सवाल खड़े हो गए हैं, जो अब तक अनुत्तरित हैं।
सवाल-1. पुल टूटने की अफवाह किसने फैलाई ?
यह आश्चर्यजनक है कि पुल टूटने की अफवाह किसने फैलाई। यह पुल कुछ बरस पहले ही बना है। क्या पुलिसकर्मियों ने ही यह कहा था कि पुल टूट गया है और लोगों को वहां रोकने का प्रयास किया था। यदि पुलिसकर्मियों ने यह कहा था तो क्यों कहा था। क्या यह किसी की शरारत या पॉलिटिक सेबोटेज था?
सवाल-2. पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज क्यों किया?
पुलिस को लाठीचार्ज करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। भीड़ बढ़ने पर सीमित लोगों अलग-अलग समूह में मंदिर तक छोड़ा जा सकता था। यदि संख्या कम थी तो पुलिस को लाठीचार्ज करने के आदेश किसने दिए। जबकि पुलिस को पता है कि लाठीचार्ज से भगदड़ मच सकती है।
सवाल-3. क्या पुलिस किसी वीआईपी के लिए रास्ता बना रही थी?
कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस किसी नेता के लिए रास्ता बनाने का प्रयास कर रही थी। सवाल यह है कि वीआईपी के आने की योजना पहले से नहीं बनाई गई और यह विचार नहीं किया गया कि महत्वपूर्ण लोगों को भीड़ वाले समय में न लाया जाए।
सवाल-4. भगदड़ के बाद सहायता मिलने में देरी क्यों हुई?
घटना के बहुत देर बाद तक पीड़ितों को कोई सहायता नहीं मिली। देर शाम तक लाशों के ढेर लगे थे। मंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया पहुंच गए थे। फिर व्यवस्था जमने में इतनी देर क्यों लगी।
सवाल-5. भीड़ के लिए फायर ब्रिगेड और आपात चिकित्सा की व्यवस्था क्यों नहीं थी?
बड़ी संख्या में दूरदराज के लोग नवमी के मौके पर आने वाले थे तो वहां फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस व चलित अस्पतालों की कोई व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
सवाल-6. नदी में कितने लोग गिरे और कैसे?
नया पुल बनने के बाद भी लोग सिंध नदी में गिर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नदी में गिरे लोगों को ढूंढा नहीं जा सका है। बड़ी संख्या में लोग लापता हैं उनके नदी में गिरने की आशंका है। आखिर ये लोग नदी में गिरे कैसे।
सवाल-7. क्या न्यायिक जांच की सिफारिशों को लागू किया गया?
1 अक्टूबर 2006 को भी सिंध नदी में 50 लोग बह गए थे। उसके बाद न्यायिक जांच की गई। जांच रिपोर्ट में कुछ सुझाव भी दिए गए थे। क्या राज्य सरकार ने उस न्यायिक जांच आयोग की सिफारिशों व रिपोर्ट के आधार पर कोई कार्रवाई की थी। आरोप है कि उपरोक्त रिपोर्ट को कैबिनेट की बैठक तक में प्रस्तुत नहीं किया गया। यदि यह सही है तो क्यों नहीं किया गया?