रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी बड़ी खबर इंदौर से आ रही है। अगर किसी ने डायरी सिस्टम से धोखाधड़ी की कोशिश की तो अब ख़ैर नही। रियल एस्टेट क्षेत्र से संबंधित ऐसे संभावित दलाल जो डायरी में प्लॉट विक्रय कर गलत प्रक्रियाओं के माध्यम से आमजनों के साथ धोखाधड़ी करते पाए जा रहे उनके विरूद्ध विशेष अभियान के तहत कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। शनिवार को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजेश राठौड़ ने डायरी आधारित धोखाधड़ी की लिखित शिकायत पर 9 दलालों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंटी जारी किए हैं।
दरअसल कलेक्टर मनीष सिंह ने इंदौर जिले के सभी अपर कलेक्टर, अनुविभागीय दण्डाधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदारों को आमजन भू-खण्ड क्रेताओं के हितों को कॉलोनाइजर/दलालों से सुरक्षित रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने क्षेत्र में विकसित हो रही कॉलोनियों का भ्रमण करते रहें तथा वहां पर उपस्थित हितग्राहियों से चर्चा करें कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या तो नहीं है।
ऐसे कॉलोनाइजर्स की जानकारी एकत्रित करें जो खुद की वित्तीय क्षमता से अधिक वित्तीय भार वाली कॉलोनी में संलिप्त होकर अवैध डायरियों आदि के धंधे में स्वयं एवं अपने दलालों के साथ संलिप्त है। डायरी पर विक्रय किए गए किसी भी हितग्राही की कोई शिकायत आती है तो उसे लिखित में प्राप्त करें। ऐसी शिकायत पर कॉलोनाइजर तथा उनके दलालों से पूछताछ करें। शिकायतकर्ता को कम से कम समय में न्याय दिलाएं। डायरी के माध्यम से कॉलोनाइजरों/दलालों को दी गई राशि को हितग्राही को घोषित करना होगा तथा उस राशि पर देय विभिन्न करों का भुगतान किया जा चुका है, यह भी जांच कर सुनिश्चित करना होगा।
इनके खिलाफ जारी हुए गिरफ्तारी वारंट
दलाल निलेश पिता विरेन्द्र पोरवाल के विरुद्ध थाना छोटी ग्वालटोली, संजय पिता गोवर्धन मलानी के विरुद्ध थाना सराफा, उमेश पिता सुन्दरलाल डेम्बला के विरुद्ध थाना परदेशीपुरा, सुनील पिता मनोहर लाल जैन के विरुद्ध थाना तुकोगंज, प्रशांत (बबल) पिता दिनेश खण्डेलवाल के विरुद्ध थाना पलासिया, गौतम पिता पन्नालाल जैन के विरुद्ध थाना जूनी इंदौर, गणेश खण्डेलवाल के विरुद्ध थाना पलासिया, कमल पिता त्रिलोकचंद गोयल के विरुद्ध थाना भंवरकुआ तथा हर्ष चुघ के विरुद्ध थाना तिलकनगर से गिरफ्तारी वारंटी जारी किया गया है। उक्त सभी दलालों के विरुद्ध पूछताछ उपरांत बॉन्ड ओवर की कार्रवाई की जाएगी।
मिलती है धोखाधड़ी की शिकायतें
प्रॉपर्टी व्यवसाय में अच्छा मुनाफा देखते हुए आजकल प्रोपर्टी ब्रोकर्स की बाढ़ सी आ गई है। रेरा में पंजीयन के बिना ही कई लोग यह काम कर रहे हैं। धोखाधड़ी की शिकायतें भी आती है। शनिवार को इसी के चलते प्रशासन ने दो लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर करवाई है। फर्जी रजिस्ट्री कर रुपये ठगने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। इसके बाद 9 दलालों के गिरफ्तारी वारंट जारी कर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
अनिवार्य है रेरा पंजीयन
कलेक्टर मनीष सिंह ने निर्देश दिए है कि सभी दलालों का रेरा पंजीयन होना अनिवार्य है, बिना इस पंजीयन के अगर कोई दलाली करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कॉलोनाइजर/दलाल/एजेंट जो किसी भी प्रकार से आमजन के साथ धोखाधड़ी करते हुए पाये जाते है, उनकी विस्तृत राजस्व जांच करते हुए प्रतिवेदन तैयार कर संबंधित अपर कलेक्टर से अनुमोदन उपरांत संबंधित थाने में भारतीय दण्ड संहिता की सुसंगत धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा।