पुलिस की नाक के नीचे उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के बाहर फूलवाले झगड़ते रहे और पुलिस को घटना की भनक तक नहीं लगी। मामला रविवार का है जब अचानक महाकाल मंदिर के बाहर फूल और प्रसाद बेचने वाले झगड़ने लगे, झगड़ा इतना ज्यादा बढ़ गया कि दूर-दराज के क्षेत्रों से दर्शन करने आए श्रद्धालु सहम गए। बता दें कि महाकाल मंदिर के परिसर में ही पुलिस चौकी भी है लेकिन पुलिस के कानों तक इस झगड़े की जूं तक नहीं रेंगी।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक झगड़ा करीब 20-25 मिनट तक चलता रहा। यह पहली बार नहीं है कि मंदिर परिसर के बाहर फूल प्रसाद बेचने वालों का झगड़ा हुआ हो। दो दिन पहले भी यहां फूल प्रसाद बेचने वाले दो गुटों के बीच खून-खराबा हो चुका है। यही नहीं इस झगड़े में चाकूबाजी हुई थी जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था।
महाकाल मंदिर में पुलिस की अनदेखी का यह आलम तब है जब वहां नए कलेक्टर मनीष सिंह लगातार दौरा करते रहते हैं और मंदिर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हैं। लेकिन यहां सालों से जमे फूल दुकानदार अपनी दादागिरी दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
हैरानी की बात ये है कि इस झगड़े में महिलाएं भी शामिल हैं। दो युवकों के बीच शुरू हुई मारपीट एक युवक ने दूसरे पक्ष की महिलाओं को भी जमकर पीटा। मारपीट में रॉड और चाकू तक का उपयोग हुआ।
मंदिर परिसर में पुलिस चौकी है वहीं सुरक्षा गार्ड भी मौजूद रहते हैं लेकिन झगड़े के वक्त सभी नदारद थे। मंदिर प्रशासन का दावा है कि महाकाल मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता है और मंदिर परिसर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर होती है। लेकिन पिछले दो दिनों में हुए झगड़े के दौरान न तो पुलिस ही नजर आई और न ही इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की ही सूचना है।
महाकाल मंदिर में चार स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था किस काम की। यहां स्थानीय पुलिस चौकी के अलावा थाना पुलिस, विशेष सशस्त्र बल, होमगार्ड्स और महाकाल मंदिर की प्रायवेट सिक्योरिटी भी है।