हबीबगंज इंदौर इंटरसिटी गाड़ी नंबर 19324 इंदौर की तरफ से आ रही थी कि तभी बरलाई स्टेशन पर दूसरी गाड़ी के क्रॉसिंग के समय हबीबगंज इंदौर इंटरसिटी स्टेशन पर रुकी। उस ट्रेन में से एक युवक निकला जो महिदपुर उज्जैन का रहने वाला है जिसका नाम उबेद अहमद पिता मकसूद है। उसने जानबूझकर रेल पटरी के ज्वाइंट पर बड़े हादसे को अंजाम देने की नीयत से एक बड़ा पत्थर फंसा दिया था।
हालांकि कुछ लोगों ने आरोपी को इस काम को अंजाम देते हुए देख लिया और उसे धर दबोजा। इसके बाद कुछ लोगों ने मिलकर उसकी खूब पिटाई भी की। किसी तरह गुस्साए लोगों से बचाकर उसे जीआरपी इंदौर के हवाले किया गया। उसके खिलाफ एक शख्स ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि उबेद छावनी स्थित आईके हॉस्टल में रहता है और जीआरएस सॉल्यूशन में वेब डिजायनर की नौकरी करता है।
पकड़े जाने के बाद उबेद का कहना है कि वह ऐसा काम दोबारा नहीं करेगा लेकिन वह इस बात को नहीं जानता कि उसके द्वारा किए गए काम की वजह से हजारों लोगों को अपनी जान गंवनी पड़ सकती थी। जीआरपी पुलिस और टिकट जांचकर्ता ने तलाशी के दौरान के जब उससे टिकट दिखाने के लिए कहा था तो पता चला कि वह
बेटिकट यात्रा कर रहा था। जिसके बाद उसका चालान भी बनाया गया था।