कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीनेशन में इंदौर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संयुक्त प्रयासों के चलते इंदौर में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 50 लाख तक पहुंच गया है। अब सेकंड डोज में इंदौर को अव्वल बनाने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर मनीष सिंह ने इसके लिए जिले के निवासियों को बधाई दी है।
कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए इंदौर में कई नवाचार किए गए हैं। पहले डोज के लिए जिस तरह लोगों ने जागरुकता दिखाई है, उसी तरह दूसरे डोज को लेकर भी गंभीरता नजर आ रही है। जिला प्रशासन ने इसके लिए समाज प्रमुखों, व्यापारी वर्ग व अन्य सभी संबंधितों की बैठक लेकर आह्वान किया था कि सेकंड डोज के लिए लोगों को प्रेरित करें। नतीजा यह हुआ कि लोग घरों से निकले और सेकंड डोज लगवाया।
उपलब्धि हासिल करने वाला पहला जिला
इंदौर ऐसा पहला जिला बन चुका है जिसने वैक्सीन के 50 लाख डोज पूरे कर लिए हैं। जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की जा रही है तो कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि 30 से 50 लाख तक की आबादी वाले जिलों में इंदौर को देश में पहला स्थान मिला है।
वैक्सीन लगवाने पर ही मिलेगा टिकट
वैक्सीन को लेकर इंदौर के रहवासी संघ सख्ती कर रहे हैं। व्यापारी वर्ग भी कई बाजारों में सक्रिय हो गया है। शनिवार से इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों में भी यह व्यवस्था लागू हो गई है। एआईसीटीएसएल ने कहा है कि जिन्हें दोनों डोज लगे होंगे, उन्हें ही टिकट दिया जाएगा। सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य किया गया है। प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन ने भी सेकंड डोज के लिए रोको-टोको अभियान शुरू किया है। सराफा चौपाटी में भी सेकंड डोज पर सख्ती की गई है।
वैक्सीन नहीं तो उपचार नहीं
वैक्सीन के सेकंड डोज को लेकर अब चिकित्सक भी सख्ती कर रहे हैं। इंदौर के एक चिकित्सक डॉ. विजय छजलानी ने अपने लेटर पैड पर लिखकर कलेक्टर को दिया है कि मैं कोरोना वैक्सीनेशन के अभियान का समर्थन करता हूं। मरीजों को सेकंड डोज लगाने के लिए प्रेरित करूंगा। जो व्यक्ति वैक्सीन नहीं लगवाएगा उसका परीक्षण व उपचार नहीं करूंगा।