प्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव विधानसभा में लिंगानुपात सबसे कम है। यहां 1000 पुरुषों की तुलना में महज 765 महिलाएं ही हैं। जबकि बालाघाट जिले की बैहर विधानसभा में लिंगानुपात सबसे ज्यादा है। यहां 1000 पुरुषों की तुलना में 1008 महिलाएं हैं।
प्रदेश के कुल मतदान केंद्रों की अगर बात करें तो यहां 65,340 मतदान केंद्र हैं। वहीं, सबसे ज्यादा मतदाताओं की अगर बात करें तो इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक पांच में सबसे ज्यादा 3,56,879 मतदाता हैं। जबकि सबसे कम 1,45,783 मतदाता शहडोल जिले की कोतमा विधानसभा में हैं।
नामांकन से 10 दिन पहले तक जोड़े जाएंगे नाम
1 जनवरी, 2018 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा आचार संहिता लागू होने के बाद मतदाताओं के नामांकन से 10 दिन पहले तक अपना नाम जुड़वा सकेंगे। ऐसे मतदाता विधानसभा चुनाव में वोट डालने के पात्र माने जाएंगे।