मध्य प्रदेश के 10 लाख कर्मचारियों, अधिकारियो और पेंशनर के लिए को 2020-2021 के वित्तीय वर्ष में महंगाई भत्ता यानी डीए मिल सकता है। इसके लागू होने की संभावना जुलाई 2021 से की जा रही है। बजट की तैयारियों में लगे वित्त विभाग का कहना है कि वह 25 फीसदी गणना के साथ अपना प्रस्ताव भेजेंगे। यह स्पष्ट है कि इस समय एमपी के लोगों को 12 प्रतिशत डीए मिल रहा है। अगर लोगों के 25 फीसदी की गणना होती है तो अगले साल 13 फीसदी डीए का लाभ मिलेगा। हालांकि, इस नए बजट में इंक्रीमेंट का कोई जिक्र नहीं है। वित्त विभाग के इस कदम से यह भी स्पष्ट हो गया है कि जुलाई 2019 में घोषित किए गए 5 फीसदी डीए का एरियर उन्हें नहीं मिलेगा। इसे पहले कमलनाथ सरकार ने लटकाया। अब कोविड के कारण नई भाजपा सरकार भी इस पर कोई चर्चा नहीं कर रही है।
कैसे तय किया जाता है महंगाई भत्ता?
देश भर में करीब पौने दो करोड़ शासकीय अधिकारी कर्मचारी ( केंद्र या राज्य) का जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ता कितना बढ़ेगा, यह प्राइज इंडेक्स के आधार पर तय होता है। देशभर के 150 जगहों के प्राइज
इंडेक्स को एक जगह पर इकट्ठा करके तय किया जाता है। मध्य प्रदेश में इन जगहों में भोपाल, मंडीदीप, इंदौर, पीथमपुर, ग्वालियर, मालनपुर, जबलपुर और छिंदवाड़ा शामिल है। इन स्थानों के प्रमुख चिन्हित बाजारों से फुटकर वस्तुएं जो रोजमर्रा के जीवन में शामिल होती है, उनकी कीमतें ली जाती है। इन कलेक्शन को हर हफ़्ता लेबर ब्यूरो में भेजा जाता है।
वहां, किस शहर में कितनी महंगाई है, उस हिसाब से लोगों का डीए तय होता है। हालांकि, बेस ईयर 2001-2002 को माना गया है। इस साल फुटकर वस्तुओं को कीमत ज़ीरो तय कर तब से लेकर अब तक बढ़ी महंगाई के हिसाब से मूल्य सूचकांक कितना बढ़ा है यह तय किया जाएगा। केन्द्र सरकार ने जनवरी 2020 में 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने का प्रस्ताव दिया था, यह प्राइज इंडेक्स 3.5 प्रतिशत बढ़ने पर तय किया गया था।
कब क्या मिलना था जो अभी तक मिला नहीं
डीए जुलाई 2019 में पांच फीसदी और जनवरी 2020 में चार प्रतिशत था। वहीं जुलाई 2020 में चार प्रतिशत रहा। अब जनवरी 2021 में डीए की घोषणा सम्भावित है। वहीं वित्त विभाग कहना है कि 2019-20 और 2020-21 में करीब 12 फीसदी पर डीए रुक रहा है। हालांकि सरकार कह चुकी है कि जून 2021 तक डी ए नहीं दिया जाएगा।
रुक सकता है जनवरी 2020 का इंक्रीमेंट
जुलाई 2020 में इंक्रीमेंट रुक सकता है। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, जनवरी 2021 में भी यह मिलने की सम्भावना नहीं है। बजट की स्थिति देखने के बाद जुलाई 2021 में इसे देने पर विचार किया जाएगा। तब तक का कर्मचारियों को करीब 900 करोड़ रुपये का एरियर भी नहीं दिया जाएगा।