इजराइल से लखनऊ लाए गए तीन जेब्रा में से एक की मौत महज 36 घंटे के भीतर हो गई। जेब्रा की मौत ऐसे वक्त पर हुई, जब सोमवार को शताब्दी समारोह मनाया जाना है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहेंगे। जेब्रा की मौत को लेकर जू प्रशासन दिनभर मामला दबाता रहा, जबकि शाम को प्रकरण बढ़ने पर मौत की सूचना को सार्वजनिक किया।
इजराइल से नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में तीन जेब्रा लाए गए थे। उन्हें इजरायल से आबूधाबी होते हुए नई दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया, जहां से सड़क मार्ग के जरिए उन्हें गुरुवार रात करीब आठ बजे लखनऊ जू लाया गया। इसमें दो मादा व एक नर जेब्रा था।
जू प्रशासन ने उन्हें चिकित्सकों और दो कीपर की निगरानी में क्वारंटीन किया था। लेकिन लखनऊ आने के 36 घंटे के भीतर ही नर जू की मौत हो गई। दरअसल, शनिवार सुबह से ही जेब्रा की हालत खराब थी। जिसे लेकर जू प्रशासन ने जिराफ बाड़े तक तीनों सड़क मार्गों को बंद कर हरे पर्दे लगा दिए थे और जेब्रा के बाड़े की ओर लोगों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
बाड़े से सटे उल्लू और मछली घर को भी सुबह से बंद कर दिया गया था। सूत्रों की मानें तो सुबह से ही जेब्रा की हालत खराब थी। पर, जू प्रशासन मामले को दबाता रहा। पहले तो जेब्रा की मौत की बात ही दबा ली गई। फिर हालत खराब होने व इलाज कराने की बात कही गई। लेकिन देर शाम जू प्रशासन ने जेब्रा की मौत की बात कबूली।