राजधानी लखनऊ के काकोरी के दोना गांव निवासी जरदोजी कारोबारी इरफान (48) का शव बृहस्पतिवार सुबह भलिया गांव बड़ी नहर के पास झाड़ियों में पड़ा मिला। शव के पास ही जहरीले पदार्थ का डिब्बा भी पड़ा हुआ मिला है।
मृतक के भतीजे मोहम्मद आदिल ने बताया कि गांव के ही मुन्ना ,सगीर, शमीम और भांजा जुबैर इन लोगों ने मिलकर पहले मारपीट की जिससे बांया कंधा भी टूटा हुआ है उसके बाद आत्महत्या का रूप देने के लिए जहरीला पदार्थ पिलाकर हत्या कर दी।
मृतक के परिजनों ने बताया कि 2017 में वर्तमान प्रधान शीबा के पति असलम को गांव में ही पीट-पीटकर हत्या की गई थी जिसमें असलम के परिजनों ने हत्या का गांव के ही फरीद,आदिल, कलीम, इब्राहिम, मुजीब, तहजीब, महेरबान, फम्मू, बाल अपचारी अमीर समेत दस लोगो पर मुकदमा दर्ज हुआ था जिसके बाद सभी को जेल भेजा गया था।
वहीं, मृतक के भतीजे आदिल ने आरोप लगाते हुए बताया कि बदला लेने के लिए आये दिन पूर्व प्रधान के भाई मुन्ना, सगीर, समीम और भांजा जुबैर धमकियां दिया करते थे। इससे लगता है कि चाचा इरफान की इन्हीं लोगों ने की। पहले उन्हें मारा पीटा और आत्महत्या का रूप देने के लिए जहरीला पदार्थ पिला दिया और मौके से फरार हो गए।
इंस्पेक्टर नवाब अहमद ने बताया कि मृतक के परिजनों के आरोप पर जांच पड़ताल की जा रही हैं। वहीं शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।