मोहनलालगंज की कनकहा पुलिस चौकी में युवक को बंधक बनाकर पीटा गया। इसके बाद उससे एक मामले में समझौतानामा लिखवाकर दस्तखत भी करा लिए।
उसने मिन्नतें कीं, लेकिन दरोगा का दिल नहीं पसीजा। यह आरोप लगाया बैरीसालपुर के प्रियांशू ने। रात में छूटने के बाद शुक्रवार को पीड़ित के पिता ने एसीपी मोहनलालगंज से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
बैरीसालपुर के दिलीप चौरसिया मंदिर का जीर्णोद्धार करा रहे हैं। इसे लेकर पड़ोसी रामलखन से विवाद हो गया। इसकी सूचना किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को दे दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया और लौट गई। दिलीप ने एसीपी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार की रात करीब दस बजे दरोगा घर पहुंचे और प्रियांशू को चौकी कनकहा ले आए, जहां पहले से ही विपक्षी मौजूद थे।
आरोप है कि दरोगा उनके बेटे को कमरे के अंदर ले गया, जहां उसकी पिटाई शुरू कर दी, जबकि उनके बेटे पर विवाद का आरोप भी नहीं था। उनका बेटा रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन दरोगा ने पीटना बंद नही किया।
पिटाई के बाद साथ गए बेटे के मामा श्रीकृष्ण से भी बदसुलूकी की और समझौता पत्र पर जबरन हस्ताक्षर कराने के बाद रात एक बजे चौकी से छोड़ा। एसीपी धर्मेंद्र रघुवंशी के मुताबिक, अभी वह वीआईपी ड्यूटी से लौट रहे हैं। मामले की तहकीकात की जाएगी।
विवादों से पुराना नाता रहा है कनकहा चौकी का
कनकहा चौकी का विवादों से पुराना नाता रहा है। कुछ दिन पहले एक अवैध शराब बनाने वाले के घर दबिश देने गई एसटीएफ की टीम पर जानलेवा हमला हुआ था। इस मामले में आरोपी सपा नेता को संरक्षण देने में भी इस चौकी के पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे थे। इसके अलावा भी कई और विवादित मामलों में आरोप लग चुके हैं।