योगी सरकार ने छह लाख से अधिक राज्य कर्मचारियों और अधिकारियों की नई पेंशन योजना की वर्षों से बकाया रकम ब्याज सहित देने का वादा पूरा किया है। इसके लिए अनुपूरक बजट में एक तिहाई से भी ज्यादा रकम की व्यवस्था की है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए 1150 करोड़
सरकार ने प्रयागराज से मेरठ तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते हुए डीपीआर के लिए 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए 850 करोड़, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए 1150 करोड़ का प्रावधान किया है। बिजली क्षेत्र में वितरण एवं उत्पादन परियोजनाओं के लिए 905.36 करोड़ की व्यवस्था की है।
अयोध्या समेत 7 शहरों को अपने खर्च से स्मार्ट बनाएगी सरकार
मेरठ, गाजियाबाद, अयोध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, मथुरा व शाहजहांपुर को राज्य सरकार अपने खर्च से स्मार्ट बनाएगी। हर शहर पर औसतन 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अनुपूरक बजट में अयोध्या स्थित राम की पैड़ी की रिमॉडलिंग के लिए 10 करोड़ जबकि दीपोत्सव के लिए 6 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। पर्यटन विभाग के लिए 163 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से 10 करोड़ मिर्जापुर में विंध्यवासिनी धाम, 10 करोड़ सीतापुर में नैमिषारण्य के पर्यटन विकास के लिए प्रस्तावित है।
सिंचाई विभाग के लिए 834.84 करोड़
सिंचाई विभाग के लिए कुल 834.84 करोड़ प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें से 800 करोड़ रुपए नहर एवं नलकूपों के विद्युत देय के भुगतान के लिए हैं, जबकि 24.84 करोड़ गोरखपुर में राप्ती नदी पर घाट के निर्माण के लिए किया गया है।
पुलों व सड़कों के लिए 605 करोड़
लोक निर्माण विभाग के लिए 605 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इनमें से 405 करोड़ पुलों तथा 200 करोड़ सड़कों के लिए है।
यह भी खास
- सीवरेज व जल निकासी के लिए 100 करोड़ तथा जिला मुख्यालयों पर पाथवे, बेंच, जिम, पेयजल, योग एवं बाल क्रीड़ा की सुविधाओं से युक्त पार्क के लिए 60 करोड़।
- आशा कार्यकर्ता शहरी आशा एवं संगिनियों के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- 250 करोड़ रुपये पुलिस विभाग के लिए।
13594.87 करोड़ के अनुपूरक बजट में 1145.59 करोड़ केंद्र का हिस्सा है। यह रकम घटाने पर राज्य के हिस्से से 12449.27 करोड़ का खर्च प्रस्तावित है।
यूपी का बजट 5 लाख करोड़ की ओर...
योगी सरकार का वित्त वर्ष 2019-20 का बजट 4.79 लाख करोड़ का था। अगर अनुपूरक बजट जोड़ दिया जाए तो यह 4.93 करोड़ हो जाएगा। यानी आने वाले समय में प्रदेश सरकार का बजट 5 लाख करोड़ पार कर सकता है।
14 जिला अस्पतालों को बनाएंगे मेडिकल कॉलेज
अमेठी, महोबा, चंदौली, चित्रकूट, हमीरपुर, गोंडा, बलरामपुर, पीलीभीत, लखीमपुर, बलिया, सुलतानपुर, कुशीनगर, बिजनौर और गोंडा के जिला अस्पतालों को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसके लिए प्रतीक के तौर पर 14 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।