कोरोना वायरस से लड़ने में स्वास्थ्य विभाग को हो रही दिक्कतों को देखते हुए योगी सरकार ने उनके लिए 50 करोड़ रुपये की मदद देने के लिए घोषणा की है।
वहीं, कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लागू 21 दिनों के लॉकडाउन से जरूरी सामनों के लिए अफरातफरी न मचे इसके लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार की ओर से जो व्यवस्थाएं की गई हैं उसमें मंडी परिषद और मंडी समितियों द्वारा अन्य राज्यों एवं केंद्र सरकार के समन्वय से जो खाद्य सामग्री की आपूर्ति होती है, उसकी आवक पर निगरानी रखी जाएगी।
उत्पादन एवं विपणन एसोसिएशन के माध्यम से जिलों मे आवश्यक खाद्य सामग्री सप्लाई चेन में इनका उपयोग किया जाएगा। होम डिलेवरी करने वाले होटल, रेस्टोरेंट और डिब्बा फूड को बढ़ावा दिया जाएगा, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि इन जगहों पर आम लोग इकट्ठा न होने पाएं। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री की घोषणा के तत्काल बाद विभिन्न शहरों में जरूरत के सामानों की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। इससे कई शहरों में अफरातफरी मच गई इसका फायदा उठाते हुए दुकानदारों ने भी दो से तीन गुना दामों में सामान बेच डाले।
इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी को खाद्यान्न और जरूरी सामान की कमी नहीं होने दी जाएगी। दूध, सब्जी और जरूरी चीजें लोगों के दरवाजों तक पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने सभी डीएम को निर्देश दिए हैं कि वे पुलिस आयुक्त, एसएसपी और एसपी से समन्यव कर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को डोर-स्टेप व्यवस्था की पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। सीएम ने सभी जिलों के कंट्रोल रूम में आवश्यक खाद्य सामग्री की आपूर्ति के लिए मंडी, दुग्ध, कृषि, उद्यान, पशुपालन व खाद्य आपूर्ति के कुशल अधिकारियों की स्थानीय स्तर पर ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। कंट्रोल रूम का नंबर आम लोगों में प्रचारित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।