प्रदेश कैबिनेट ने दूसरे चरण में बनाए जाने वाले 14 मेडिकल कालेजों में से सात के निर्माण की मंजूरी दे दी है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज पर 325 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्र व राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में मिलकर यह खर्च वहन करेंगी।
दूसरे चरण में बनेंगे 14 मेडिकल कॉलेज
राज्य सरकार के प्रवक्ता व खादी ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि दूसरे चरण में कुल 14 मेडिकल कॉलेज बनाए जाने हैं। इनमें 4 को कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है। गोंडा, सुल्तानपुर, चंदौली, अमेठी, बुलंदशहर, औरैया व सोनभद्र के जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कालेज में उच्चीकृत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और ललितपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
लखनऊ में बनेगा केंद्रीय मास्टर कोआर्डिनेटर सेंटर
कैबिनेट ने प्रदेश में यूपी 100 की सुविधा प्रदान किए जाने के लिए लखनऊ में केंद्रीय मास्टर को आर्डिनेशन सेंटर के निर्माण के लिए 125 करोड़ रुपये की लागत से पुनरीक्षित काम कराए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। खर्च के लिए अब तक 113 करोड़ 16 लाख 26 हजार रुपये दिए जा चुके हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी के विस्तार और सौंदर्यीकरण के दूसरे चरण के लिए 318.67 करोड़ की परियोजना को प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दी है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र का विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य कराया जा रहा है। सरकार ने इसके लिए काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद का भी गठन किया है।
अलीगढ़ में विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए उच्च विशिष्टियों के प्राविधान को मंजूरी
कैबिनेट ने अलीगढ़ में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में एल्युमिनियम टफेंड ग्लास, एसीपी पैनेलिंग, मैटेलिक फाल्स सीलिंग की उच्च विशिष्टियों के प्राविधान को मंजूरी दे दी है। प्रयोगशाला के निर्माण के लिए 24 करोड़ 50 लाख रुपए की पुनरक्षित लागत को भी मंजूरी दे दी है। मालूम हो कि प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर 18 विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण के प्रस्ताव की सैद्धान्तिक सहमति हुई है।
शहरी विकास की परियोजनाओं के लिए ग्राम समाज की भूमि निशुल्क देने का फैसला
हरों की बढ़ती आबादी को देखते हुए सरकार ने नगरीय विकास के लिए संचालित होने वाली परियोजनाओं के लिए ग्राम समाज की भूमि निशुल्क दिए जाने का फैसला किया है। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सरकार का यह निर्णय अगले पांच साल तक लागू रहेगा। यानी इस अवधि में जरूरत के मुताबिक ग्राम समाज की भूमि उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग को कैबिनेट से मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी।
जनरल रूल्स क्रिमिनल 1977 के अध्याय 4 के नियम 21 में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट ने जनरल रूल्स क्रिमिनल 1977 के अध्याय 4 के नियम 21 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जनरल रूल्स क्रिमिनल 1977 उच्च न्यायालय के अधीनस्थ सभी आपराधिक न्यायालयों में की जाने वाली कार्यवाही को निर्धारित करता है। प्रकरण मुख्य रूप से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 192 में संज्ञान लेने व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 322 के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारण किए जाने, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 194 के तहत किए गए मामलों का नोटिस दिए जाने, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 122 तथा भिन्न-भिन्न न्यायालयों में केस नंबर अलॉट किए जाने में गुणात्मक परिवर्तन किए जाने से संबंधित है। यह संशोधन न्यायिक प्रक्रिया की जटिलता को कम करने के लिए किया गया है।
प्रदेश कैबिनेट ने आरबीआई की मौद्रिक नीति के अनुसार बाजार से पैसा जुटाने से जुड़ी कार्यवाही में एकल बिड डाले जाने के लिए चिह्नित स्टॉक एक्सचेंज को भी एग्रीगेटर/फैसिलिटेटर के रूप में कार्य करने की अनुमति से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार बाजार से पैसा जुटाने के लिए बांड जारी करती है। बाजार ऋण के लिए जारी मूल्य का 10 प्रतिशत हिस्सा नॉन कम्पटीटिव बिड के जरिए रिटेल इन्वेस्टर्स को आवंटित किया जाता है। इसके लिए वर्तमान में रिटेल बिडर्स द्वारा शेड्यूल्ड बैंक, प्राइमरी डीलर, आरबीआई द्वारा नामित किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से अलग-अलग बिड डाले जाने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था में प्रत्येक रिटेल इन्वेस्टर की एक बिड प्राप्त होती है।
डिप्टी कलेक्टर गिरीश तहसीलदार पद पर पदावनत
प्रदेश कैबिनेट ने वक्फ बोर्ड ट्रिब्यूनल के रजिस्ट्रार व हरदोई के तत्कालीन उप जिलाधिकारी गिरीशचंद्र श्रीवास्तव को तहसीलदार के पद पर पदावनत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि गिरीशचंद्र हरदोई में डिप्टी कलेक्टर थे। उन्होंने वहां ग्राम समाज की जमीन नियम से बाहर जाकर दूसरे के पक्ष में करने की मंजूरी दे दी थी। लखनऊ के मंडलायुक्त ने 22 दिसंबर 2016 को अपनी रिपोर्ट में गिरीश को दोषी ठहराते हुए तहसीलदार के पद पर पदावनत करने की संस्तुति की। इसे सहमति के लिए राज्य लोक सेवा आयोग भेजा गया।
आयोग ने इस पर सहमति नहीं दी। आयोग ने स्थायी रूप से दो वेतनवृद्धि रोकने को कहा। इसके बाद सरकार ने आयोग को अपने निर्णय पर पुनर्विचार के लिए कहा, लेकिन आयोग अपनी संस्तुति पर कायम रहा। इसके बाद यह प्रकरण कैबिनेट के समक्ष विचार के लिए रखा गया था। कैबिनेट ने आयोग के परामर्श से भिन्न निर्णय लेते हुए गिरीश को डिप्टी कलेक्टर से तहसीलदार के पद पर पदावनत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
कौशांबी के चायल में बस स्टेशन के लिए निशुल्क भूमि देगी सरकार
कौशांबी जिले के चायल विधानसभा क्षेत्र में परिवहन निगम द्वारा प्रस्तावित बस स्टेशन बनाने में आड़े आ रही भूमि की दिक्कत सरकार ने दूर कर दी है। बस स्टेशन निर्माण के लिए ग्राम परसरा तहसील चायल में उपलब्ध 0.571 हेक्टयर ऊसर भूमि परिवहन विभाग को निशुल्क उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट ने प्रदेश में यूपी 100 की सुविधा प्रदान किए जाने के लिए लखनऊ में केंद्रीय मास्टर को- ऑर्डिनेशन सेंटर के निर्माण के लिए 125 करोड़ रुपये की लागत से पुनरीक्षित काम कराए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। खर्च के लिए अब तक 113 करोड़ 16 लाख 26 हजार रुपये दिए जा चुके हैं।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के कर्मचारियों के लिए नियमावली
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग विविध कर्मचारी वर्ग सेवा नियमावली-2019 जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अधीन अनेक संस्थाएं, विशेष विद्यालय और छात्रावास आदि के लिए शासनादेशों के माध्यम से विभिन्न पदों का सृजन अलग-अलग समय पर किया गया है। इनमें प्रबंधक (ब्रेल प्रेस), अधीक्षक, छात्रावास वार्डेन, मोबिलिटी अध्यापक, व्यायाम शिक्षक, प्रयोगशाला सहायक, प्रोजेक्टर ऑपरेटर, बिक्रीकर्ता, प्रूफ रीडर और स्टोर कीपर जैसे पद शामिल हैं। अभी तक इन पदों का संचालन कार्यकारी आदेशों में दी गई व्यवस्था के अनुसार किया जाता रहा है। अब ये सभी पद एक नियमावली के अंतर्गत आएंगे।
कैबिनेट को दी पीडब्ल्यूडी के 7147 करोड़ खर्च की जानकारी
कैबिनेट को वित्त वर्ष 2018-19 में लोक निर्माण विभाग में राज्य योजना (सामान्य) और स्पेशल कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के लिए एकमुश्त बजट व्यवस्था के तहत दी गई स्वीकृतियों से अवगत कराया गया। इसके तहत विभिन्न कार्य कराने के लिए 7147.32 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां जारी की गईं।