इस अवसर पर हाथों में पोस्टर लेकर गड्ढों की खूबियां बयां करते हुए यहां से गुजरने वालों का स्वागत फूलों के हार से किया। इस मौके सीडीआरआई के पूर्व उपनिदेशक प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि गड्ढों से लोगों की भगवान पर आस्था बढ़ी है।
साथ ही गड्ढे शहर का गिरता जल स्तर बढ़ाने का काम भी कर रहे हैं। जानकीपुरम विस्तार के लोगों का आरोप है कि नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और एलडीए ने लोगों को फुटबाल बना रखा है।
जिस गड्ढे से जितना ज्यादा हादसा, उतना बड़ा सम्मान
पंकज प्रसून ने कहा कि जिस गड्ढे के आगे लोग ज्यादा नतमस्तक हुए (गिरे) जितने ई-रिक्शों ने साष्टांग दंडवत (पूरी तरह से गिर जाना) की है, उसका उतना ही बड़ा महत्व बताते हुए उसे शिरोमणि की उपाधि दी गई है।
सुबह मिट्टी से पाटे गए थे गड्ढे
पंकज प्रसून ने बताया कि जिन गड्ढों की फोटो अखबार में प्रकाशित हुई थी, उन्हें संबंधित विभाग की टीम आकर मिट्टी से पाट गई थी, जो शाम को फिर से पानी गिरने से खाली हो गए। विभाग की लापरवाही का एक और नमूना है यह।