मुख्यमंत्री ने कई अपर मुख्य सचिवों व प्रमुख सचिवों के समय से ऑफिस न आने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समय से ऑफिस न आने को गंभीरता से लिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने शासन के वरिष्ठ अफसरों को अनावश्यक बार-बार छुट्टी पर न जाने व एक साथ कई अधिकारियों को छुट्टी पर न जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मीटिंग के बहाने दिल्ली जाने की प्रवृत्ति छोड़ दी जाए और केंद्र सरकार से संबंधित विशेष कार्यों को स्थानिक आयुक्त के स्तर से पैरवी कराएं।
सुशासन व विकास ही सरकार का एजेंडा
मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि वर्तमान सरकार सुशासन और विकास के लिए कृत संकल्पित है। इसके लिए जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता पहुंचाया जाए। उन्होंने प्रदेश के आठ आकांक्षात्मक जिलों में अवस्थापना व विकास संबंधी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने और सभी विभागों को रिक्तियों के सापेक्ष कर्मी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बजट खर्च करने को मार्च का न करें इंतजार
मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा, सिंचाई, ऊर्जा, स्वास्थ्य, खाद्य एवं रसद, ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, समाज कल्याण, पंचायती राज, राजस्व, माध्यमिक शिक्षा, बाल विकास पुष्टाहार, कृषि, महिला कल्याण, नगर विकास, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, औद्योगिक विकास व पर्यटन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने अफसरों को वित्तीय वर्ष 2019-20 में आवंटित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने, शासन तथा विभाग स्तर से जारी स्वीकृतियों की हर महीने समीक्षा करने और स्वीकृतियां वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों की जगह समय से जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि को तेजी से लाने और उपयोगिता प्रमाण पत्र समय से भेजने का निर्देश दिया।