लखनऊ। लविवि के योग विभाग और इंडियन योग फेडरेशन की ओर से भारत में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की शिक्षा पर सम्मेलन हुआ। वियतनाम से आईं योग विशेषज्ञ थी थान थुई ने बताया कि भारत की प्राचीन योग विद्या वियतनाम तक पहुंची।
फैम थी कक ने कहा, योग शारीरिक व मानसिक रूप से मनुष्य को सशक्त बनाता है। संकाय के समन्वयक डॉ. अमरजीत यादव ने बताया कि भारत के कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राज्य विवि सहित निजी विश्वविद्यालय में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की शिक्षा दी जा रही है।
फैकल्टी के अधिष्ठाता प्रो. अशोक कुमार सोनकर ने बताया कि योग जीवन पद्धति है। अध्यक्षता केजीएमयू के डीएसडबल्यू प्रो. आरएएस कुशवाहा ने की। प्रो. माखन लाल, डॉ. सत्येंद्र कुमार मिश्रा, डॉ. उमेश कुमार शुक्ला, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. रामनरेश, डॉ. रामकिशोर, इशिता अरोरा, प्रियंका राय, शोभित सिंह थे।