विश्व कैंसर दिवस पर बुधवार को राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि कैंसर रोगियों को दवा के साथ इच्छाशक्ति भी बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मैं राज्यपाल की हैसियत से नहीं बल्कि कैंसर पर विजय प्राप्त करने वाले एक व्यक्ति के रूप में ये विचार व्यक्त कर रहा हूं।
बीस वर्ष पहले मुझे भी कैंसर हुआ था, लेकिन नियमित इलाज और दृष्ढ़ इच्छाशक्ति से मैंने इस पर विजय हासिल कर ली।
परिवारीजनों का सहयोग मिले तो बीमारी का दर्द और कम हो जाता है। आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में 82 लाख लोग इस गंभीर बीमारी से जान गंवा चुके हैं।
कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लड़ने के लिए उन्होंने नॉट बियांड अस का नारा दिया। लोगों से अपील करते हुए इसके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की और कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में इसका इलाज संभव है।