वुमन पावर लाइन का निरीक्षण करते अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी
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केंद्र सरकार की ‘सेफ सिटी परियोजना’ के तहत लखनऊ को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के काम में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। औचक निरीक्षण को महिला पावर लाइन-1090 पहुंचे अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने इसकी जानकारी दी।
अवनीश अवस्थी ने बताया कि राजधानी को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं में अब तक हुई प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी हासिल की। इसके लिए सलाहकार की तैनाती के लिए जरूरी औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
मालूम हो कि भारत सरकार ने निर्भया फंड के तहत सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए केंद्र का 60 प्रतिशत अंश व राज्य के 40 प्रतिशत अंश धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसी परियोजना के तहत 1090 और लखनऊ पुलिस को और बेहतर बनाया जाएगा।
इस पूरी परियोजना के लिए 194.44 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। केंद्र ओर राज्य का अंश मिलाकर लगभग आधी धनराशि यानी 97.58 करोड़ रुपये इस परियोजना के लिए स्वीकृति कर दी गई है।
अवनीश ने बताया कि इस परियोजना के तहत इंटीग्रेटेड स्मार्ट कंट्रोल रूम, पीटीजेड सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, वीडियो विश्लेषण एवं चेहरा पहचानने से संबंधित सॉफ्टवेयर, सोशल मीडिया विश्लेषण से संबंधित सॉफ्टवेयर, वृहद डाटा विश्लेषण से संबंधित सॉफ्टवेयर, पिंक आउटपोस्ट एवं पिंक दो पहिया एवं चार पहिया पेट्रोलिंग वाहन आदि की व्यवस्था की जानी है।
इस परियोजना के तहत यूपी पुलिस लखनऊ में एकीकृत स्मार्ट कंट्रोल रूम की स्थापना करेगी, जिसके साथ 1500 कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम को फीड प्राप्त होगी। महिलाओं द्वारा शिकायत दर्ज कराने में सहायता के लिए जगह-जगह पर चौकियां पिंक आउट पोस्ट के रूप में स्थापित की जाएंगी, जो पूरी तरह महिला पुलिस द्वारा संचालित की जाएंगी।
महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा पैदा करने के लिए महिला पुलिस की गश्त पिंक पेट्रोलिंग के रूप में होगी। इस परियोजना के तहत सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क भी स्थापित की जाएगी जिसमें काउंसलर की भी तैनाती होगी।
शिकायत कर्ताओं से अपर मुख्य सचिव ने लिया फीडबैक
औचक निरीक्षण पर पहुंचे अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने महिला पावर लाइन पर शिकायत करने वाली महिलाओं और लड़कियों से फीडबैक भी लिया, जिसमें अधिकतर शिकायत कर्ता ने 1090 द्वारा की गई कार्रवाई की प्रशंसा की।
इस मौके पर महिला पावर लाइन 1090 की एडीजी अंजू गुप्ता ने बताया इस वर्ष पहली जनवरी से 31 जुलाई, 2019 तक 1090 पर महिलाओं के द्वारा की गई शिकायतों के 1 लाख 62 हजार 334 मामले पंजीकृत किये गये जिनमें से 1 लाख 56 हजार 800 मामलों का निस्तारण किया गया जो लगभग 96 प्रतिशत है। निरीक्षण के दौरान महिला पावर लाइन 1090 के अधिकारियों के अलावा गृह विभाग के सचिव भगवान स्वरूप और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।