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यूपी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाई जाएंगी दो लाख 'पावर एंजिल्स'

Sat, 15 Oct 2016 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को वीमेन पावरलाइन की पावर एंजिल्स को विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) का दर्जा दे दिया। सूबे में ऐसी दो लाख पावर एंजिल्स बनाई जाएंगी।
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शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने 25 छात्राओं को एसपीओ का परिचय पत्र देकर इस योजना की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि 1090 वीमेन पावर लाइन न सिर्फ यूपी, बल्कि दूसरे प्रदेशों के लिए भी एक उदाहरण बनी है।

लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि वीमेन पावरलाइन को एक मुकाम पर पहुंचाने के लिए आईजी नवनीत सिकेरा को बधाई देना चाहता हूं।

उन्होंने जो शुरुआत तीन साल पहले छोटे स्तर से की थी, वह आज बड़े स्तर पर पहुंच गई है। सिकेरा पहले 1090 को बेटियों की हेल्पलाइन के रूप में बनाना चाहते थे, लेकिन जब वे हमसे मिलने आए तो डिम्पल भी वहां थीं।
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उन्होंने हेल्पलाइन के बजाय वीमेन पावरलाइन नाम रखने का सुझाव दिया।पावरलाइन से बेटियों में भी एक शक्ति का अहसास होता है। सिकेरा का जब प्रमोशन हुआ तो वे भी अच्छी पोस्टिंग चाहते थे, लेकिन हमने उन्हें यहीं पर रखा। उनका नुकसान किया, किंतु आज उन्हें भी लग रहा होगा कि किसी अच्छे काम के लिए उनका नुकसान हुआ है।

'जब व्यवस्‍था में लोगों का भरोसा बढ़ता है तो आंकड़े भी बढ़ते हैं'

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष तो हर बात उल्टा ही बोलता है। जब सपा सरकार में अस्पतालों की ओपीडी में ज्यादा मरीज देखे गए तो विपक्ष ने कहा कि यह कैसी सरकार है जिसमें बीमार भी ज्यादा पड़ रहे हैं।

अब वीमेन पावरलाइन में शिकायतें बढ़ेंगी तो विपक्ष इसे भी उल्टा ही लेगा, लेकिन हम यह कहेंगे कि जब व्यवस्था में लोगों का भरोसा बढ़ जाता है तो आंकड़े भी बढ़ जाते हैं। वीमेन पावरलाइन इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वे भी घर में पत्नी व दो बेटियों के साथ रहते हैं। इसलिए उन्हें पता है कि बेटियों की क्या तकलीफें होती हैं।

इससे पहले प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा ने कहा कि 1090 देश में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी अपना नाम कर चुकी है। 2012 में महज 20 कंप्यूटर से इसकी शुरुआत हुई थी। आज यहां 120 कंप्यूटर का कॉल सेंटर है। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन का यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री के विजन के कारण ही यह संभव हो सका है।

कार्यक्रम में राजनीतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी, कृषि मंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह, खाद्य रसद मंत्री कमाल अख्तर, जंतु उद्यान मंत्री एसपी यादव, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार आलोक रंजन व डीजीपी जावीद अहमद उपस्थित थे।

क्या है पावर एंजिल योजना

इसके तहत प्रदेश के हाईस्कूल या इससे उच्चतर शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं को पावर एंजिल बनाया जाता है। वे कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियों के उत्पीड़न की जानकारी वीमेन पावरलाइन को उपलब्ध कराएंगी।

साथ ही ग्रामीण व शहरी इलाकों में पीड़ित उन महिलाओं के लिए सहारा बनेंगी, जो अशिक्षा व जानकारी के अभाव में अपनी समस्याएं साझा करने में असमर्थ हैं। यह सेवा पूर्ण रूप से स्वैच्छिक है। इसके लिए कोई मानदेय नहीं दिया जाएगा।

वीमेन पावरलाइन से जुड़ीं थारू जाति की लड़कियां
वीमेन पावरलाइन से लखीमपुर खीरी में रहने वाली थारू जनजाति की लड़कियां भी जुड़ी हैं। सामाजिक व शैक्षिक दृष्टि से पिछड़ी ये लड़कियां पावर एंजिल्स बन खुद को सशक्त महसूस कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इन्हें पावर एंजिल्स का सर्टिफिकेट प्रदान किया।
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छेड़खानी में जेल जाने वालों में 70 फीसदी अधेड़ उम्र के

आईजी नवनीत सिकेरा ने बताया कि अब तक वीमेन पावर लाइन में 6,15,606 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें से 6,04,836 मामलों का निपटारा हो चुका है। इनमें 5,98,129 आरोपियों की फोन पर काउंसलिंग कर उन्हें सही रास्ते पर लाया गया।

6105 आरोपियों को ऑफिस बुलाकर उनकी काउंसलिंग की गई, जबकि 602 को जेल भेजना पड़ा। जेल जाने वालों में 70 फीसदी अधेड़ उम्र के हैं। रेप के 95 फीसदी गंभीर मामलों में बलात्कारी जान-पहचान वाले ही होते हैं।

ये शिकायतें हो रहीं दर्ज
फोन पर उत्पीड़न-- 90 प्रतिशत
सार्वजनिक स्थलों पर उत्पीड़न--6 प्रतिशत
सोशल साइट्स पर उत्पीड़न--2 प्रतिशत
घरेलू हिंसा--1.8 प्रतिशत
विविध व अन्य--0.2 प्रतिशत
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