आय बढ़ने से महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार आएगा तथा गन्ने की खेती में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि गन्ना बहुल क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने के लिए स्वयं सहायता समूह तैयार कर उन्हें सिंगल बड एवं बड चिप द्वारा गन्ने की नर्सरी तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 31,30,151 पौध तैयार करने के साथ ही किसानों को 1,02,000 पौध वितरित की गई है।
कई बार मौसम की प्रतिकूलता या बीज की गुणवत्ता के चलते ठीक प्रकार गन्ने का अंकुरण नहीं हो पाता है। पौध लगाने से यह समस्या दूर हो जाएगी। गेहूं की कटाई के बाद जिन किसानों की गन्ना बुवाई समय से नहीं हो पाती है, उन्हें भी नर्सरी से पौध लेने पर विलंब से बुवाई की समस्या से काफी हद तक मुक्ति मिल जाएगी।
पिछले साढ़े तीन वर्षों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोकस रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। उन्हीं के निर्देश पर महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों से गन्ना नर्सरी तैयार कराई जा रही है। इससे हजारों महिलाओं के लिए स्वावलंबन के अवसर बढ़ेंगे। किसानों को भी लाभ होगा। - सुरेश राणा, मंत्री, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग