राम मंदिर पर जनवरी में चलने वाले जनजागरण अभियान से पहले विश्व हिंदू परिषद ने उसके लिए जमीन तैयार करने की योजना बनाई है। इसके लिए हर गांव से एक कार्यकर्ता तैयार करने के साथ ही धर्मरक्षा निधि तथा नवरात्र में दुर्गाष्टमी कार्यक्रमों का सहारा भी लिया जाएगा। इस सिलसिले में विभागवार बैठकों की शुरुआत रविवार को सीतापुर से हो रही है।
दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राम मंदिर के सहारे हिंदुओं की एकजुटता को बनाए रखने के साथ ही राष्ट्रवाद की ताकत को फिर से तेवर देना चाहता है। उसकी कोशिश जनजागरण अभियान के जरिये देश के लगभग 6.28 लाख गांवों में से 4.50 लाख गांवों के 10 करोड़ परिवारों तक पहुंचने की है।
वह चाहता है कि इन परिवारों से संपर्क कर उनके प्रत्येक सदस्य को राममंदिर निर्माण से जोड़े और हिंदुत्व के सामने उत्पन्न चुनौतियों की जानकारी देकर हिंदुओं के सम्मान, स्वाभिमान के सवालों पर उनसे सक्रिय भागीदारी का आग्रह करे।
इस पूरे अभियान की प्रत्यक्ष तौर पर बागडोर संभालने वाली विहिप के एक पदाधिकारी के अनुसार हिंदुओं की बढ़ती ताकत से परेशान कुछ ताकतें जातीय वैमनस्य के बीज बोने का षड्यंत्र रचकर हिंदू समाज को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।