लखनऊ। गुडंबा के कुर्सी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती सुमन गौतम (42) की इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि निजी हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने मृत मरीज को एंबुबैग लगाकर केजीएमयू रेफर कर दिया। केजीएमयू में चिकित्सकों ने सुमन को मृत घोषित कर दिया। इससे पहले परिजन ने निजी अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया।
मिश्रपुर निवासी जियालाल मजदूरी कर पत्नी सुमन गौतम (42) और छह बच्चों के साथ गुजर बसर करते हैं। जियालाल ने बताया कि सुमन को रविवार से मल त्याग नहीं हो रहा था। उसे रविवार सुबह मिश्रपुर स्थित सावित्री ट्रस्ट केयर हॉस्पिटल एवं सुपर स्पेशिलियटी सेंटर में भर्ती कराया था। इलाज के बाद उसे राहत मिल गई थी। सोमवार को डॉक्टर ने सीटी स्कैन के लिए उसे एंबुलेंस से अलीगंज के एक सेंटर पर भेजा। वापस आते समय सुमन की हालत बिगड़ने लगी। आरोप है एंबुलेंस कर्मी ने मरीज को इंजेक्शन लगाया था। इससे उसकी तबीयत और बिगड़ गई। परिजनों ने कर्मी पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया।
अस्पताल आने पर चिकित्सकों ने इलाज शुरू कर परिजनों को झूठी तसल्ली देने की कोशिश की। नाराज परिजनों ने मरीज के मृत होने की बात कहकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर गुडंबा, इंदिरानगर और विकास नगर पुलिस के साथ एसीपी गाजीपुर ए विक्रम सिंह पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। वहीं, चिकित्सकों ने मरीज के जिंदा होने का दावा कर एम्बुबैग लगाकर केजीएमयू रेफर कर दिया। ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया।
Iनिजी अस्पताल के चिकित्सकों ने जिंदा होने की बात कह कर रेफर किया था। कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र लिखा जाएगा। पोस्टमॉर्टम और सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। I
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- ए विक्रम सिंह ,एसीपी गाजीपुर I
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Iइलाज में लापरवाही का आरोप बेबुनियाद है। प्रथमदृष्टया मरीज को कार्डियक अरेस्ट आया था। उसे जीवित रहते ही केजीएमयू रेफर किया गया था। I
I-डॉ. विंध्यवासिनी जायसवाल, संचालक निजी अस्पतालI