लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई के सहयोग से अब दूरदराज के जनपदों में भी दिल के रोगियों को इलाज मिल सकेगा। संस्थान में शनिवार को इसके लिए एसटी-एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (एसटीईएमआई) कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
कार्डियोलाॅजी विभाग के प्रमुख प्रो. आदित्य कपूर ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश में दिल के दाैरे से होने वाली माैतों की संख्या में कमी आएगी। इसमें सरकारी अस्पताल के डाॅक्टरों को दिल का दाैरा पड़ने के मामलों का इलाज करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। डाॅ. अंकित साहू ने कहा कि दूरदराज के इलाकों के डाॅक्टर इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद दिल के दाैरे का प्राथमिक उपचार कर सकेंगे।इस माैके पर पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन और चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा भी माैजूद रहे।दोनों ने इस कार्यक्रम की शुरुआत पर खुशी जताई।
एक चाैथाई मामले 40 साल से कम उम्र वालों में
प्रो. आदित्य कपूर ने बताया कि युवा भारतीयों में कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी) के मामले 12 से 16 फीसदी तक है। इनमें में एक चाैथाई मामले 40 वर्ष से पहले की आयु वर्ग में है। देश में हर साल करीब पांच लाख माैतें होती है। अपने देश में पश्चिमी देशों के मुकाबले दिल संबंधी बीमारियां 10 साल पहले हो रही हैं। यह चिंता का विषय है।